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ऑक्सीजन उपलब्धता की रिपोर्ट रोज दें

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बांदा। प्रधानमंत्री केयर के दूसरे चरण में जिला अस्पताल परिसर में बनाए जा रहे पीएसए (प्रेशर स्विंग एडसार्पशन) ऑक्सीजन प्लांट में टिन शेड का काम अगले दो-तीन दिन में पूरा हो जाएगा। शुक्रवार को डीएम आनंद कुमार सिंह ने यहां निरीक्षण किया। इससे पूर्व डीएम ने चित्रकूटधाम मंडल के एकलौते राजकीय मेडिकल कॉलेज में बैठक करके आक्सीजन आदि की उपलब्धता का जायजा लिया।
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प्रधानाचार्य को निर्देश दिए कि आक्सीजन की रिपोर्ट रोजाना उपलब्ध कराएं। जिला अस्पताल कैंपस में ऑक्सीजन प्लांट का काम जारी है। इसे कार्यदायी संस्था डीआरडीओ द्वारा बनवाया जा रहा है। शासन ने इसी माह पांच मई को इसे स्वीकृति दी है। डीएम ने चल रहे काम का मौका मुआयना किया।
कार्यदायी संस्था के सुपरवाइजर ने बताया कि टिन शेड का काम दो-तीन दिन में पूरा हो जाएगा। डीएम ने सीएमओ को निर्देश दिया कि रोजाना काम का निरीक्षण करें। साथ ही यह भी खबरदार किया कि मानक में कोई खिलवाड़ न हो। सुबह राजकीय मेडिकल कॉलेज में अपनी अध्यक्षता में आयोजित बैठक में जिलाधिकारी ने यहां चल रहे कोविड अस्पताल की समीक्षा की।
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प्रधानाचार्य डॉ. मुके श कुमार यादव ने डीएम को बताया कि डी टाइप के 300 और बी टाइप के 56 ऑक्सीजन सिलिंडर भरे हुए हैं। 120 डी टाइप सिलिंडर रनिंग में हैं। हमीरपुर और कानपुर से रोजाना सिलिंडर भराए जा रहे हैं। प्रिसिंपल ने दावा किया कि पर्याप्त आक्सीजन उपलब्ध है।
डीएम ने कहा कि सिलिंडरों की सूचना रोजाना उन्हें और सीएमओ को दी जाए। प्रधानाचार्य ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में इस समय 59 मरीज भर्ती हैं। इनमें 30 आईसीयू/एचडीयू में हैं। डीएम ने निर्देश दिया कि कोरोना मरीजों को भरपूर इलाज के साथ ही गाइडलाइन के मुताबिक नाश्ता, खाना उपलब्ध कराएं। चिकित्सक वार्डों में राउंड करके मरीजों का हाल लें।
मेडिकल कॉलेज के वार्डों में बढ़ेंगे बेड
डीएम ने मेडिकल कॉलेज के एनआईसीयू और पीआईसीयू वार्डों का निरीक्षण किया। मेडिकल कॉलेज के डॉ. शरद यादव ने बताया कि एनआईसीयू में तीन और पीआईसीयू में छह बेड हैं। इनके अलावा पीआईसीयू आइसोलेशन और आईसीयू के लिए 50-50 बेड और शुरू किए जाना है।
डीएम ने वार्डों और परिसर की सफाई, सैनिटाइजेशन और फागिंग रोजाना कराने के निर्देश दिए। कहा कि बच्चों के साथ आने वाले तीमारदारों को ठहरने की भी व्यवस्था कराई जाए। बैठक और निरीक्षण में एडीएम (नमामि गंगे) एमपी सिंह, सीएमएस डॉ. यूबी सिंह, मेडिकल कॉलेज के वित्त नियंत्रक नीरज कुमार, डॉ. सुनील कुमार आर्या, डॉ. एसके कौशल, डॉ. अभय पांडेय, डॉ. दिलीप, डॉ. पीएन यादव, डॉ. शरद यादव आदि मौजूद थे।
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