बबेरू के अतर्रा रोड निवासी हरिशंकर अग्निहोत्री ने देहात कोतवाली में दिए शिकायती पत्र में बताया कि पथरी में संचालित मौरंग खदान खंड संख्या-तीन के संचालक व मयूर बाक्साइट प्रा.लि. छत्तीसगढ़ के मालिक रवीश गुंबर निवासी बिलासपुर छत्तीसगढ़ ने व्यापार में पार्टनर बनाने के नाम पर उससे 1.42 करोड़ रुपये बैंक के माध्यम से लिया। जिस पर रवीश गुंबर ने खदान बंद होने पर पूर्ण रूप से हिसाब करने की बात कही थी, लेकिन 30 जून को खदान बंद होने के बाद किसानों, धर्मकांटा संचालक, मशीनों व पीड़ित का बिना हिसाब किए फरार हो गया।
पीड़ित किसानों का कहना है कि खदान संचालकों ने किसानों की कृषि योग्य भूमि पर कब्जा कर खेतों को गड्ढों में तब्दील कर दिया। जब किसानों ने आपत्ति जताई तो उन्हें धमकाया गया और रुपये मांगने पर जान से मारने की धमकी दी गई। इसके अलावा ट्रकों में डीजल आपूर्ति करने वाले पेट्रोल पंप संचालकों की भी लाखों रुपये की देनदारी नहीं दी गई। पीड़ितों ने जिलाधिकारी बांदा, खनिज अधिकारी, पुलिस अधीक्षक व मंडलायुक्त से मामले की जांच कर खदान संचालक रवीश गुंबर और उनके सहयोगियों पर एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की थी।
जिसके बाद शुक्रवार को एसपी के आदेश पर हरिशंकर अग्निहोत्री की तहरीर पर खदान संचालक के खिलाफ धोखाधड़ी व धमकी देने की रिपोर्ट दर्ज की गई है। देहात कोतवाली प्रभारी चंद्र प्रकाश तिवारी ने बताया कि खदान संचालक पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।