बांदा। बालू हिस्सेदारी में तीन करोड़ 20 लाख रुपये न लौटाने पर पीड़ित ने न्यायालय की शरण ली। कोर्ट के आदेश पर चार पार्टनरों के खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
लखनऊ के गोमती नगर निवासी आशुतोष मिश्रा ने सीजेएम न्यायालय में वाद प्रस्तुत कर बताया कि बलिया के केहरपुर निवासी प्रभात ओझा, निडरिया गांव निवासी उमेश कुमार दुबे, वाराणसी के बड़ी पटिया निवासी विनय कुमार सिंह, बलिया के नरला गांव निवासी अनुपम तिवारी के खिलाफ न्यायालय के आदेश पर धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई है। पीड़ित ने बताया कि वह अपनी कंपनी चलाता है।
पूर्व में परिचित प्रभात ओझा ने उससे बताया कि उसके मित्र ने पैलानी में बालू खनन का पट्टा लिया है। यदि रुपया लगाओ को 40 प्रतिशत हिस्सेदारी देंगे। उन्होंने कूटरचित दस्तावेज भी दिखाए। अनुबंध पत्र तैयार कराकर निवेश के नाम तीन करोड़ 20 लाख रुपये ले लिए। जब उसने हिस्सेदारी के तहत भुगतान करने को कहा तो सभी ने उसे जान से मारने की धमकी दी। आशुतोष ने स्थानीय पुलिस अधिकारियों को मामले को संज्ञान में लाया। लेकिन उसकी नहीं सुनी गई। तब उसने न्यायालय की शरण ली। न्यायालय के आदेश पर सभी चारों पार्टनरों के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की गई है। शहर कोतवाल पंकज सिंह ने बताया कि विवेचना की जा रही है।