बांदा। ग्रामीण अभियंत्रण विभाग में तैनात चालक शासनादेश और अधिकारियों के आदेश पर भारी है। शासन से तबादले के बाद एसई ने बाबू बने चालक को 10 दिन पहले कार्यमुक्त कर दिया था। इसके बावजूद वह कार्यालय में पटल पर जमा है और विभागीय कार्य निपटा रहा है। एसई का कहना है कि कार्यमुक्त होने के बाद यदि वह काम करता है तो निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।
विकास भवन स्थित ग्रामीण अभियंत्रण विभाग में खालिद मंसूर चालक के पद पर वर्ष 1999 से तैनात है। अधीक्षण अभियंता रजनीश कुमार के पास सरकारी वाहन नहीं है। ऐसे में उसे पटल का काम सौंपा गया है। करीब नौ वर्ष से वह वरिष्ठ सहायक का कामकाज देख रहे हैं। शासन ने खालिद मंसूर का तबादला आठ सितंबर 2023 को किया था, लेकिन कर्मचारियों की कमी की वजह से कार्यमुक्त नहीं किया गया। एक बार फिर उनका लखनऊ तबादला करते हुए 13 जून को कार्य मुक्त कर दिया गया।
इनकी जगह ऋषि कुमार को चार्ज दे दिया गया। इसके बावजूद खालिक मंसूर अभी उसी पटल पर जमे हैं। बाकायदा विभागीय कार्य निपटा रहे हैं। उधर, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अधीक्षण अभियंता रजनीश कुमार का कहना है कि खालिक मंसूर को रिलीव कर दिया गया है और एलपीसी भी भेज दी गई है। वह अब पटल पर कार्य नहीं कर सकते हैं। यदि ऐसा मिला तो उन्हें निलंबित किया जाएगा।