फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ओला पीड़ित किसानों को राहत राशि आज से

Thu, 15 Feb 2018 10:54 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो , बांदा
विज्ञापन
ओला पीड़ित संबंधी मीडिया को जानकारी देते डीएम डीपी गिरि। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

12 फरवरी की रात जिले में हुई ओलावृृष्टि से प्रशासन ने जिले की तीन तहसीलों के 59 गांवों को प्रभावित बताया है। कहा है कि सर्वे तेजी से चल रहा है। शुक्रवार (16 फरवरी) से प्रभावित किसानों को राहत राशि का वितरण ई-पेमेंट से शुरू कर दिया जाएगा। सिंचित फसल पर 13,500 रुपये प्रति हेक्टेअर और असिंचित पर 6800 रुपये प्रति हेक्टेअर की मदद दी जाएगी। अधिकतम दो हेक्टेअर तक ही मदद मिलेगी। 33 प्रतिशत से अधिक नुकसान होने पर ही यह मदद दी जाएगी।

विज्ञापन


बृहस्पतिवार की शाम कलक्ट्रेट सभागार में डीएम डीपी गिरि ने ओलावृष्टि के बारे में जिलों की स्थिति से अवगत कराया। बताया कि कृषि अधिकारी और तहसीलदारों द्वारा किए गए सर्वे के मुताबिक बांदा सदर तहसील में 9, नरैनी में 10 और अतर्रा में 40 गांव ओलावृष्टि/अतिवृष्टि से प्रभावित हुए हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत नुकसान के आंकन के लिए राजस्व और कृषि विभाग की टीमें गांव/गाटावार सर्वे कर रही हैं। बीमा कंपनी के प्रतिनिधि भी इसमें शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि शासनादेशों के तहत 33 फीसदी से अधिक नुकसान होने पर कृषि निवेश अनुदान दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि ओला या बारिश से लघु/सीमांत किसान के जानवर की मृत्यु होने पर बड़े दुधारू पशुओं की मौत पर 30 हजार रुपये प्रति जानवर (अधिकतम तीन जानवर तक) और बिना दूध वाले बड़े पशु की मौत पर 25 हजार रुपये प्रति तथा छोटे दुधारू पशु की मौत पर तीन हजार रुपये की मदद मिलेगी। बड़े पशुओं में अधिकतम तीन और छोटे पशुओं में अधिकतम 30 पशुओं पर सहायता मिलेगी।
विज्ञापन


डीएम ने बताया कि मानव मृत्यु पर पांच लाख रुपये प्रति मानव की दर से मदद दी जाएगी। 40 से 60 फीसदी शारीरिक अक्षमता पर 59,100 रुपये तथा 60 प्रतिशत से अधिक अक्षमता पर दो लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। डीएम ने बताया कि हाल ही मेें हुई ओलावृष्टि से किसी मानव या पशु की मौत नहीं हुई है।

50 से 100 फीसदी अनुदान पर बीज
बांदा। उप कृषि निदेशक एके सिंह ने डीएम की मीडिया से बातचीत में बताया कि ओलावृष्टि प्रभावित क्षेत्र के किसानों को अगली फसल के लिए 50 से 100 प्रतिशत तक अनुदान पर बीज दिया जाएगा। कोई भी प्रभावित किसान छूटने नहीं पाएगा। इसके लिए तहसील स्तर पर संयुक्त टीमें गठित की गई हैं। इन टीमों की रिपोर्ट बृहस्पतिवार को शाम तक मिल जाएगी।


ओला/अतिवृष्टि से प्रभावित गांव
सदर तहसील (9 गांव) : बसहरी, चमरहा, हरदोनी, गंछा, डिंगवाही, रेउना, पडुई, बांधा पुरवा, सुहाना।
नरैनी तहसील (10 गांव) : मलेहरा निवादा, गोपाल खेड़ा, मनीपुर, माधवपुर, भसरौड़, बड़ोखर बुजुर्ग, खेरिया, बलखेड़ा, तेरा गिरवां, सौंता कालिंजर।
अतर्रा तहसील (40 गांव) : खुरहंड, जमरेही, खम्हौरा, नगनेधी, नंदना, सेमरिया मिर्दहा, तेंदुही, रहूसत, छिबांव, करगहना, महुआ, सेमरिया जदीद, अधरोरी, चकतकुली, चकअमहर, चकमोचहा, हस्तम, तकुली, दुरईमाफी, जखनी, बरसड़ा बुजुर्ग, बरसड़ा खर्दु, इटरा खुर्द, डोगरी, शिवहद, बिलगांव, बहोरवा पुरवा, घुरौंडा, अजीतपारा, नाई, बिगहना, मकरी, बिसंडा, अमवा, पुनाहुर, चंद्रायल, पिंडखर, इटरा मिलौली, सिकलोढ़ी।

48 घंटे के अंदर सूचना दें, सर्वे के 15 दिन बाद क्लेम
बांदा। ओला/जल भराव से फसल को नुकसान पहुंचने पर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ देने के लिए फसलों की क्षति का आंकलन व्यक्तिगत बीमित कृषक के स्तर पर बीमा कंपनी करेगी। बीमित किसान आपदा के 48 घंटे के अंदर बीमा कंपनी को सूचित करें। इसके अलावा संबंधित बैंक जहां से बीमा कराया है या कृषि विभाग के किसी अधिकारी या जनपदीय अधिकारी, किसान समूह, प्रधान, बीडीसी आदि द्वारा भी 48 घंटे के अंदर बीमित किसान के व्यक्तिगत दावे को बीमा कंपनी को अग्रसारित किया जा सकता है।

बीमा कंपनी सूचना मिलने के लिए 10 दिन के अंदर फसल का सर्वे कराएगी। आपदा की स्थिति तक उत्पादन लागत में व्यय के अनुरूप फसल की क्षति का आंकलन करेगी। इसके अगले 15 दिनों के अंदर किसानों को क्षतिपूर्ति भुगतान कर दिया जाएगा। 25 प्रतिशत से अधिक फसल की सूचना पर डीएम राजस्व, कृषि और बीमा कंपनी की संयुक्त टीम गठित करेंगे। यह टीम प्रभावित क्षेत्रों को रेंडम सर्वेक्षण करते हुए क्षति का प्रतिशत निधार्रित करेगी। इसी के आधार पर क्लेम दिया जाएगा। बीमा संबंधी और जानकारी कृषि विभाग या बीमा कंपनी प्रतिनिधि से भी ली जा सकती है। ब्यूरो
विज्ञापन


 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें