फोटो-10बीएनडीपी-2 : शुक्रवार को सुबह तिंदवारी रोड स्थित सब्जी मंडी में भीड़।
फोटो-10बीएनडीपी-3 : पुलिस की सख्ती के बाद सूना पड़ा बाजार का मुख्य शंकर गुरु चौराहा।
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दोनों केसों की रिपोर्ट निगेटिव आने से राहत, पर सख्ती बढ़ी
प्रशासन व पुलिस ने बंद कराईं सब्जी और दवा की दुकानें
पूर्व पॉजिटिव के मोहल्ले के आसपास बताया हॉटस्पाट
क्वारंटीन इलाके के अलावा सुबह खुलेंगी निर्धारित दुकानें
अमर उजाला ब्यूरो
बांदा। जनपद के दोनों पॉजिटिव केसों में बृहस्पतिवार की शाम निगेटिव रिपोर्ट आने के बाद जहां लोगों ने राहत की सांस ली, वहीं शुक्रवार की सुबह से ही प्रशासन ने लॉकडाउन की सख्ती और बढ़ा दी। पुलिस का कहना है कि पूर्व में पॉजिटिव रहे व्यक्ति के मोहल्ले और उसके एक किलोमीटर दायरे को ‘हॉटस्पाट’ मानते हुए यह कदम उठाया गया है। हालांकि शासन ने हॉटस्पाट केवल प्रदेश के 15 शहरों में ही चिह्नित करने के आदेश दिए हैं।
लॉकडाउन की शुरूआत से ही शासन के निर्देश पर सुबह 6:30 से 9:30 तक दूध, फल-सब्जी, दवा और अखबार वितरण के लिए छूट दी गई है। हालांकि इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग (सामाजिक दूरी) का पालन करने को कहा गया है। यहां मंडल मुख्यालय में अब तक यही चल रहा था। गुरुवार की शाम बांदा शहर निवासी और शिव गांव निवासी दोनों ही पूर्व पॉजिटिव व्यक्तियों की रिपोर्ट निगेटिव आ गई। अब जनपद में कोई पॉजिटिव केस नहीं है। उधर, इसी के बाद गुरुवार की देर रात पुलिस और प्रशासन ने शहर में यह घोषणा कर दी कि सुबह सब्जी आदि की दुकानें नहीं खुलेंगी। शुक्रवार को सुबह से ही पुलिस ने कड़ा रुख अपनाते हुए बाजार स्थित सब्जी मंडी और दवा की दुकानें आदि बंद करा दीं। लोगों को खदेड़ दिया। चारों तरफ सन्नाटा छा गया।
उधर, इस बाबत नगर पुलिस उपाधीक्षक आलोक मिश्रा ने कहा कि पूर्व पॉजिटिव व्यक्ति के गूलरनाका मोहल्ले को क्वारंटीन कर रखा गया है। यह सील भी है। इस मोहल्ले को एक किलोमीटर दायरे में हॉटस्पाट की तर्ज पर लॉकडाउन लागू किया गया है। यहां कोई दुकानें नहीं खुलेंगी। लोगों को होम डिलीवरी से सामान मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस इलाके को छोड़कर शहर के अन्य क्षेत्रों में पूर्व की तरह सुबह निर्धारित दुकानें खुलेंगी लेकिन कहीं भी भीड़ इकट्ठा होने की अनुमति नहीं होगी।
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इनसेट
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सुबह ध्वस्त हो जाती हैं लॉकडाउन की शर्तें
बांदा। मंडल मुख्यालय बांदा शहर में सुबह लॉकडाउन का असर नदारद रहता है। सब्जी, फल, दवा, किराने आदि की ज्यादातर दुकानें खुल जाने पर बड़ी तादाद में लोग आपसी दूरी के मानक की अनदेखी कर जमा हो जाते हैं। बाजार आदि कई इलाकों में यह लगता ही नहीं कि लॉकडाउन है। बाइकों में बेवजह युवक भी फर्राटे मारते नजर आते हैं। पुलिस की धरपकड़ और धुनाई के बाद ही सड़कें खाली होती हैं। शहर में लॉकडाउन का पालन शौक से नहीं बल्कि खौफ से हो रहा है।
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क्वारंटीन सेंटरों के 27 मजदूरों के नमूने जांच को भेजे गए
कई दिनों से इन मजदूरों को खांसी-जुकाम, बुखार
पॉजिटिव रिपोर्ट आने पर पूरे सेंटर के जाएंगे नमूने
अमर उजाला ब्यूरो
बांदा। महानगरों से लौटने पर जनपद के क्वारंटीन सेंटरों में रखे गए साढ़े आठ हजार से ज्यादा प्रवासी मजदूरों के बीच खांसी-जुकाम जैसी बीमारी वाले मजदूरों का सैंपल जांच के लिए लखनऊ भेजा जाएगा। इनमें किसी की रिपोर्ट पॉजिटिव आई तो उस क्वारंटीन सेंटर के सभी मजदूरों और कर्मचारियों के नमूने भी भेजे जाएंगे। शुक्रवार को 27 मजदूरों के सैंपल मेडिकल कालेज से लखनऊ भेजे गए हैं।
जिले के मुख्य 36 क्वारंटीन सेंटरों समेत गांवों में चल रहे सेंटरों में 8509 मजदूरों को रखा गया है। यह सब देश के विभिन्न महानगरों से लौटे हैं। इन्हें 14 दिन तक यहां रहना होगा। शुक्रवार को विभिन्न सेंटरों से 27 मजदूरों यहां मेडिकल कालेज लाया गया। इन सभी को खांसी-जुकाम, बुखार आदि की शिकायत थी। सबके सैंपल लिए गए हैं। मेडिकल कालेज प्रधानाचार्य डा.मुकेश कुमार यादव ने बताया कि इन नमूनों को जांच के लिए लखनऊ भेजा जा रहा है। शनिवार को रिपोर्ट आएगी। यह भी बताया कि अब उनके यहां आइसोलेशन वार्ड में सिर्फ दो मरीज हैं।
उधर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा.संतोष कुमार ने बताया कि जिन क्वारंटीन सेंटरों के मजदूरों के नमूने जांच में पॉजिटिव आएंगे उन सेंटरों में रहने वाले सभी मजदूरों और वहां ड्यूटी करने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों आदि के भी नमूने लेकर जांच के लिए लखनऊ भेजे जाएंगे। फिलहाल क्वारंटीन सेंटरों में उन्हीं मजदूरों पर ज्यादा निगाह रखी जा रही है जो पिछले एक हफ्ते से लगातार अस्वस्थ चल रहे हैं।