चित्रकूट। पृथक बुंदेलखंड राज्य की मांग पर निकली गांव-गांव पांव-पांव यात्रा का धर्मनगरी समापन हो गया। सात दिवसीय यात्रा ने जिले के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में घूमकर लोगों से पृथक बुंदेलखंड राज्य के लिए जनसमर्थन जुटाया।
रविवार को यात्रा के समापन पर गायत्री शक्तिपीठ में आयोजित गोष्ठी में संतों, बुद्धिजीवियों और उपस्थित जनसमूह ने पृथक बुंदेलखंड राज्य के संकल्प को दोहराया।
गायत्री शक्तिपीठ में आयोजित गोष्ठी में संत मदनगोपाल दास महाराज ने कहा कि बुंदेलखंड का अधूरा सपना जल्द ही पूरा होगा और मशाल जल चुकी है, जिसे बुझने नहीं दिया जाएगा। महंत दिव्यजीवन दासजी महाराज ने राजा बुंदेला के संघर्ष को बुंदेलखंडवासियों के लिए अविस्मरणीय बताया। गायत्री शक्तिपीठ के डॉ. रामनारायण त्रिपाठी ने कहा कि आज नहीं तो कल बुंदेलखंड राज्य अवश्य बनेगा।
बुंदेलखंड संयुक्त मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजा बुंदेला ने कहा कि स्वराज की लड़ाई अंतिम पायदान पर है और वह दिन दूर नहीं जब बुंदेलों का अपना बुंदेलखंड राज्य होगा। यात्रा प्रभारी पूर्व विधायक दिनेश प्रसाद मिश्र ने कहा कि बुंदेलखंड राज्य बनाने के लिए सभी को एकजुट होना पड़ेगा। बुंदेली सेना के जिलाध्यक्ष अजीत सिंह ने भी विचार रखे।
समापन समारोह में बुंदेली समाज महोबा के अध्यक्ष तारा पाटकर, डॉ. आश्रय सिंह उरई, विनोद पुरवार, जगदीश शिवहरे, नीरज निगम, राकेश बाजपेई, राजू तोमर, संतोष श्रीवास्तव, प्रताप बुंदेला, राजन धमेरिया दिल्ली, सुभासपा के राष्ट्रीय सचिव कालूराम प्रजापति, अशोक पांडेय, प्रवीण पांडेय, राजा सिंह परिहार, पवनदीप निषाद प्रधान कीरतपुर जालौन समेत अन्य शामिल हुए।