वक्फ संपत्तियों की पोर्टल पर इंट्री कराते मुतावल्ली और प्रबंधक। संवाद
बांदा। भारत सरकार के निर्देश पर उम्मीद पोर्टल में पंजीकृत की गई बुंदेलखंड की 1123 वक्फ संपत्तियों की एंट्री उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल बोर्ड, लखनऊ ने निरस्त कर दी हैं। हालांकि इनमें मिली गड़बड़ियां दुरुस्त करके पुनः पंजीकरण कराने का अंतिम मौका पांच जून तक दिया गया है। अब तक दर्ज नहीं हुई संपत्तियों की पोर्टल पर एंट्री कराने की आखिरी तारीख भी पांच जून है।
पूरे प्रदेश में स्थित वक्फ संपत्तियों को उम्मीद पोर्टल पर दर्ज कराने का निर्देश बीते साल केंद्र सरकार ने दिया था। इसके लिए पांच जून 2026 तक की मोहलत दी गई थी। इस दौरान मुतवल्लियों और प्रबंधकों ने काफी संख्या में पंजीकरण कराया। हालांकि अभी भी बड़ी संख्या में संपत्तियां दर्ज होना बाकी है।
सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने अब तक दर्ज हुई संपत्तियों की पोर्टल पर जांच के बाद स्वीकृत और निरस्त संपत्तियों का ब्योरा जारी किया है। इसमें बुंदेलखंड के सातों जिलों बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा, जालौन, झांसी और ललितपुर में 1123 संपत्तियों की एंट्री गलत होने से खारिज कर दी है। इन सातों जिलों में अब तक कुल 4230 संपत्तियों की एंट्री कराई गई है। 3182 संपत्तियों की एंट्री को स्वीकृत कर दिया है।
पोर्टल पर वक्फ संपत्तियों को दर्ज कराने के लिए यूपी सुन्नी वक्फ बोर्ड से बांदा जनपद के लिए नामित किए गए कोऑर्डिनेटर डॉ. शेख सादी ज़मा (मुतवल्ली जामा मस्जिद व ईदगाह), हज ट्रेनर हाजी गुलाम मुस्तफा और एआईएमआईएम जिलाध्यक्ष वाजिद अली अपने स्तर से बांदा में कार्यालय खोलकर ऑनलाइन एंट्री का काम निशुल्क करा रहे हैं। इन कोऑर्डिनेटर्स ने कहा है कि जिन संपत्तियों की एंट्री खारिज हो गई है या अब तक नहीं कराई गई है, उन्हें पांच जून तक उनके कार्यालय से संपर्क करके करा लें।
जनपद कुल एंट्री स्वीकृत निरस्त
बांदा 1659 902 523
चित्रकूट 168 57 70
हमीरपुर 1457 1156 149
महोबा 235 74 42
जालौन 1406 705 150
झांसी 575 213 149
ललितपुर 136 75 40
वक्फ संपत्तियों की पोर्टल पर इंट्री कराते मुतावल्ली और प्रबंधक। संवाद