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प्रशासन बेपरवाह, किसान खुद फसल बचाने में जुटे

Wed, 04 Jan 2017 12:09 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला, बांदा
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सड़क पर अन्ना पशु - फोटो : प्रतीकात्मक फोटो
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बुंदेलखंड में अन्ना जानवरों की समस्या किसानों के लिए जानलेवा बनती जा रही है। तिंदवारी विधायक द्वारा विधान सभा में मुद्दा उठाने के बावजूद प्रशासन ने अन्ना मवेशियों पर अंकुश लगाने को अभी तक कोई कारगर कदम नहीं उठा पाया। अलबत्ता कुछ जागरूक किसान व समाजसेवी खुद तारबाड़ लगाकर मवेशियों बाड़े में रखने की व्यवस्था कर रहे हैं। हालांकि इन मवेशियों को अब चारा-पानी जुटा पाने की समस्या खड़ी हो गई है।
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पिछले सप्ताह बबेरू क्षेत्र के पिंडारन गांव में किसानों ने 12 बीघा जमीन पर गौशाला बनाकर दूसरे गांव वालों को जागरूकता का संदेश दिया है। यहां किसानों के 60 हजार रुपये चंदा के साथ ग्राम प्रधान ने क्षेत्र पंचायत निधि और मनरेगा से लगभग ढाई लाख रुपये जुटाकर गौशाला तैयार की है।

बबेरू एसडीएम सुरेंद्र प्रसाद यादव व बीडीओ ने भी 31 दिसंबर को इसका निरीक्षण किया था। अब ग्रामीणों ने पानी के लिए सोलर पंप और 100 फिट लंबी चरही व टीन शेड बनाने की मांग की है। तिंदवारी विधायक व कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष दलजीत सिंह ने भी बीते विधान सभा सत्र में नियम-301 के तहत अन्ना जानवरों को मुद्दा उठाते हुए न्याय पंचायत स्तर पर गौशालाएं बनवाने की मांग की थी।
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इसके बावजूद अभी तक प्रशासन की ओर से कोई पहल नहीं की गई। विधायक का कहना है कि एक माह के अंदर व्यवस्था न हुई तो किसानों के साथ आंदोलन करेंगे। उधर, इस संबंध में अपर जिलाधिकारी गंगाराम गुप्ता से फोन पर बात करने पर उन्होंने मीटिंग में व्यस्त होना बताया।
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