बांदा। दशक भर से ज्यादा का रिकार्ड तोड़ गंगऊ और बरियारपुर बांधों ने खतरनाक तेवर अख्तियार कर लिए हैं। बरियारपुर बांध से पहली बार लगभग साढ़े पांच लाख क्यूसेक पानी केन नदी में डिस्चार्ज हो रहा है। गंगऊ से भी डिस्चार्ज हो रहे पानी का आंकड़ा 4.15 लाख क्यूसेक पार कर गया है।
इससे केन नदी खतरे के निशान से पांच मीटर ऊपर पहुंच गई है। अभी और बढ़ने के आसार है। बांदा शहर के कई निचले और नदी किनारे के इलाकों और गांवों में पानी भर गया है। यहां के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा है। चिंताजनक बात यह है कि बारिश अभी भी नहीं थम रही।
मध्य प्रदेश की घाटियों और बांधों के इनकैचमेंट एरिया (जल संग्रह क्षेत्र) में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से गंगऊ और बरियारपुर बांध उफना गए हैं। गुरुवार की रात तीनों बांधों में 326 मिलीमीटर बारिश हुई। गंगऊ में 114, बरियारपुर में 105 और रनगवां बांध में 107 मिलीमीटर पानी बरसा है। नतीजतन गंगऊ का जल स्तर 747 फिट हो गया है।
शुक्रवार शाम इस बांध की क्रस्टवाल से उफनाकर 4,15,060 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हो रहा था। यानी क्रस्टवाल के ऊपर से 15 फीट ऊंची जलधारा केन नदी में गिर रही है। इसी तरह बरियारपुर बांध का जल स्तर 625 फीट पर पहुंच गया है। इससे 5,47,040 क्यूसेक पानी केन नदी में गिर रहा है। यह अब तक का सर्वाधिक डिस्चार्ज है।
बांध की क्रस्टवाल से 18 फीट ऊंची जल धारा केन नदी में गिर रही है। सिंचाई प्रखंड तृतीय के अधिशासी अभियंता योगेश रावल ने बताया कि बांधों पर लगातार नजर रखी जा रही है। बरियारपुर से जेई मनोज सिंह ने बताया कि हर घंटे जलस्तर मापकर प्रशासन और विभागीय अधिकारियों को सूचना भेजी जा रही है।
उधर, केंद्रीय जल आयोग के उप मंडलीय अभियंता अरविंद कुमार राय द्वारा जारी संशोधित पूर्वानुमानित बाढ़ बुलेटिन में कहा है कि शुक्रवार की रात तक केन का जल स्तर लगभग 110 मीटर पहुंच जाएगा। उसके बाद भी बढ़ोत्तरी जारी रहेगी।