132 केवी सब स्टेशन में पानी में डूबीं केबिल।
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बांदा। बाढ़ और बारिश ने मंडल मुख्यालय बांदा शहर समेत लगभग पूरे जिले की बिजली गुल कर दी। बिन बिजली जल संस्थान पानी की आपूर्ति नहीं कर पाया। बाढ़ और बारिश से जूझ रहे लोगों को पीने का पानी भी नहीं मिल पा रहा।
132 केवी सब स्टेशन में पानी भर जाने से सुबह से शाम तक पूरे जिले की बिजली आपूर्ति बंद रही। रात में तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से जगह-जगह पेड़ टूटकर लाइनों पर गिर गए। इससे तार और खंभे टूट गए। पेयजल आपूर्ति वाले भूरागढ़ फीडर समेत कई फीडर शुक्रवार को देर रात तक पावर कारपोरेशन के अभियंता चालू नहीं करा पाए।
गुरुवार को शाम से शुरू हुई बारिश पूरी रात हुई। पूरा शहर पानी-पानी हो गया। गांवों में भी बाढ़ जैसे हालात हो गए। बांदा स्थित 132 केवी सब स्टेशन में जल निकासी की समस्या पुरानी है। स्थायी व्यवस्था करने में कारपोरेशन या प्रशासन को कोई दिलचस्पी नहीं है। रात भर की बारिश से सब स्टेशन परिसर में चारों तरफ पानी ही पानी भर गया।
नीचे लगीं केबिलें पूरी तरह पानी में डूब गईं। ऐसे में करंट चालू करना बेहद खतरनाक होता। नतीजतन सब स्टेशन से सारे फीडर की आपूर्ति बंद रखी गई। पेयजल आपूर्ति से जुड़े महत्वपूर्ण भूरागढ़ फीडर के अंतर्गत कालका देवी मंदिर के पीछे केन नदी की बाढ़ ने डूब गया खंभा गिर जाने से आपूर्ति बंद हो गई, जो शाम तक नहीं चालू हो पाई।
बिजली जल संस्थान के ओवरहेड टैंक नहीं भर पाए। सुबह या शाम को नलों में पानी नहीं आया। तेज हवाएं और बारिश से बड़ी तादाद में पेड़ धराशायी हो गए। इससे भी बिजली लाइनों को नुकसान पहुंचा। बांदा-अतर्रा नेशनल हाइवे पर भारी भरकम पेड़ गिरने से आवागमन ठप रहा।
आज भी नहीं आएगा नलों में पानी
बांदा। बाढ़ और बारिश की तबाही से शनिवार (20 अगस्त) को दूसरे दिन भी शहर में जलापूर्ति नहीं हो पाएगी। जल संस्थान अधिशासी अभियंता द्वारा जारी विज्ञप्ति के मुताबिक आंधी और बारिश के चलते जल संस्थान के फीडर की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई है। ओवरहेड टैंक नहीं भर पाए हैं। लिहाजा शनिवार को भी शहर में जलापूर्ति प्रभावित रहेगी।