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रिकार्ड 11,581 मुकदमों का निपटारा

Sat, 06 Dec 2014 11:30 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला बांदा
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राष्ट्रीय मेगा लोक अदालत में 11,581 रिकार्ड मुकदमों का एक साथ निपटारा किया गया। बीमा कंपनियों से 9.92 करोड़ रुपये से ज्यादा जुर्माना व हर्जाना दिलाया गया। 8.39 करोड़ रुपये से ज्यादा न्यायिक अधिकारियोें ने बैंकों की वसूली हुई। इसके अलावा 18 दंपतियों के बीच सुलह-समझौता कराकर उन्हें आशीर्वाद देकर घर विदा किया।
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शनिवार को यहां जजी परिसर में मेगा लोक अदालत का उद्घाटन हाईकोर्ट के प्रशासनिक जज अरविंद कुमार त्रिपाठी ने सरस्वती प्रतिमा पर दीप प्रज्ज्वलन और पुष्प अर्पण करने के साथ किया। जिला उपभोक्ता फोरम ने विभिन्न 30 मामलों में 3,36,897 रुपये चेक के जरिए पक्षकारों को वितरित कराए।
पावर कारपोरेशन ने 36 हजार समन शुल्क जुर्माने के रूप में वसूले, वाहन दुर्घटनाओें के शिकार लोगों को 1,33,99,139 रुपये हर्जाना दिलाया। रेलवे अदालत ने 3.90 लाख रुपये जुर्माना वसूला। लोक अदालत में उत्तराधिकार प्रमाण पत्र और स्टांप आदि के मामले में 3,39,840 रुपये निरुद्ध किए गए। जिला एवं सेशन जज के जरिए 81.87 लाख रुपये बीमा कंपनियों से वादकारियों को दिलाए गए।
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इस अवसर पर हाईकोर्ट न्यायाधीश श्री त्रिपाठी ने कहा कि लोक अदालतों का निर्णय महीनों की सोच का परिणाम है। उन्होंने कहा कि हरेक शख्स ही यही कोशिश हो कि सौहार्द बना रहे। छोटी-मोटी बातों से सौहार्द बिगाड़ना हरगिज उचित नहीं। इस अवसर पर जनपद न्यायाधीश रामकृष्ण गौतम ने प्रशासनिक न्यायाधीश का स्वागत किया। मंडलायुक्त मुरलीधर दुबे, जिलाधिकारी सुरेश कुमार ने भी स्वागत करते हुए कहा कि यह दिन ऐतिहासिक है। अधिवक्ता संघ अध्यक्ष अशोक कुमार शुक्ल ने भी समारोह को संबोधित किया।
एडीजे नरेंद्र कुमार झा, बृजराम चौरसिया, सुनील  कुमार श्रीवास्तव, प्रमोद कुमार, राज कुमार, संजय सिंह, राम दयाल, एसीजेएम संजय मिश्रा, तबरेज आलम, शिव कुमारी, सिविल जज विनीत कुमार पांडेय, रेलवे मजिस्ट्रेट चंद्रमणि पांडेय सहित अधिवक्ता और बड़ी संख्या में अधिकारी, वादकारी और अन्य लोग उपस्थित रहे। उधर, एडीएम ने 24 स्टांप मामलों को निपटारा करके 4020 रुपये जुर्माना आरोपित किया। उन्होंने बताया कि अगर यही मामला न्यायालय में निपटता तो चार गुना जुर्माना होता।  
उधर, आयुक्त की अध्यक्षता में पेंशन अदालत भी आयोजित हुई। 58 मामलों मेें 38 का निस्तारण हुआ। संयुक्त निदेशक राजकुमार सोनार सहित कोषागार कर्मचारी और वादी उपस्थित रहे। जिला क्षय रोग नियंत्रण केंद्र/एड्स रोकथाम इकाई ने स्टाल लगाकर टीबी और एचआईवी के प्रति लोगों को आगाह किया।
कोआर्डिनेटर प्रदीप वर्मा, डीपीएम, बृजेंद्र शुक्ला, ब्लड बैंक प्रभारी डॉ.एसके वाजपेई आदि शामिल रहे। ममता हेल्थ इंस्टीट्यूट फार मदर एंड चाइल्ड संस्था ने भी स्टाल लगाकर एचआईवी और एड्स से आगाह किया। समन्वयक कृष्ण विजय सिंह, प्रवीण कुमार, मैनेजर सुजीत कुमार आदि शामिल रहे। 
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