बांदा। जिले में गुरुवार की रात रिकाॅर्ड 136 मिलीमीटर बारिश हुई। तेज हवाओं के साथ बारिश से कई जगह पेड़ गिर गए। इससे पूरी रात बिजली गुल रही। हाईवे और अन्य सड़कें जाम हो गईं। अलग-अलग जगहों पर करीब 50 घर गिरने से लोगों की गृहस्थी नष्ट हो गई। बारिश से शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों पर जलभराव हो गया।
कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विभागाध्यक्ष डॉ. दिनेश कुमार शाह के मुताबिक 26 घंटे में 136 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। जुलाई में एक दिन में इतनी बारिश करीब 20 वर्ष बाद हुई है। इसके पहले 2005 में 13 जुलाई को 158 मिलीमीटर बारिश हुई थी। बारिश से शहर से गांवों तक जलभराव हो गया। लोगों के घरों में पानी घुस गया। खरीफ की फसलों को भी नुकसान हुआ है। पानी भरने से फसलें सड़ने की कगार पर पहुंच गई हैं।
शहर के शंकर नगर, सेढ़ू तलैया, आजाद नगर, परशुराम तालाब मोहल्ले पूरी तरह टापू बन गए। कई लोगों के घरों में पानी घुस जाने से लोग रात भर जागते रहे। लोहिया पुल के पास रेलवे लाइन किनारे आबाद बस्ती में करीब छह फीट पानी भर गया। नीचे कमरों में पानी भर जाने पर लोगों को सामान उठाकर छतों पर रखना पड़ा।
उधर, बारिश में शहर के जामा मस्जिद के पास पेड़ टूटकर गिर गया। इससे आवागमन बाधित हो गया। खुरहंड रेलवे स्टेशन बांदा रोड स्थित पावर हाउस में पानी भर गया। इसके चलते बिजली सप्लाई बंद करनी पड़ी। बड़ोखर खुर्द की ग्राम पंचायत मवई बुजुर्ग में झंडा देवी मंदिर के पास 12 से अधिक लोगों के घरों में नाले का पानी घुस गया। ग्रामीणों ने कहा कि गोसाईं तालाब के पास बंधा बना है, जिससे अधिक पानी भर जाता है।
शिवमोहन, पप्पू, माया, बब्बन, तुलसीदास, जग प्रसाद, राजकुमार, अवधेश, जगदीश वर्मा, दिलीप वर्मा,लल्लू आदि के घर लबालब भर गए। उधर, बांदा-हमीरपुर हाईवे पर पपरेंदा गांव के पास पीपल का पेड़ गिर गया। इससे करीब छह घंटे मार्ग अवरुद्ध रहा। तहसीलदार पैलानी राधेश्याम सिंह ने पेड़ कटवाकर हटवाया। 10 बजे के बाद आवागमन बहाल हुआ।
ग्रामीण इलाकों में बारिश बनी कहर, कई घर ढहे
नरैनी संवाद के अनुसार बारिश से 33/11 केवी पावर हाउस में पानी भर गया जिससे कस्बे सहित ग्रामीण क्षेत्रों में 15 घंटों से ज्यादा समय तक बिजली गुल रही। नगर पंचायत की जेसीबी से पानी की निकासी कराई जा रही है। अवर अभियंता रामलाल पाल ने बताया कि पावर हाउस से पानी निकलने के बाद बिजली आपूर्ति बहाल हो सकेगी।
खत्री पहाड़ संवाद के अनुसार बारिश से दुर्गापुर गांव निवासी सगे भाइयों संजय तिवारी उर्फ छोटा व इच्छाराम तिवारी के पक्के मकान ढह गए। घटना के समय संजय के घर में कोई नहीं था। गृहस्थी का सामान नष्ट हो गया। बारिश से गिरवां गांव के मैयादीन यादव, रामा यादव, भोले यादव, नन्हू यादव, बउवा, मुन्ना आदि का घर ढह गया।
पैलानी संवाद के अनुसार बारिश से खप्टिहा कलां गांव निवासी उमेश सोनकर, उसरा गांव निवासी सुशीला देवी, खरेई गांव के ओमप्रकाश, खप्टिहां कला के सुरेंद्र सिंह के घर ढह गए। कालिंजर संवाद के अनुसार बहादुर गांव के गड्डीहा में भारी बरसात से मांगी, मथुरा, रमेश व राजेश के घर गिर गए।
अतर्रा संवाद के अनुसार मूसलाधार बारिश से बिसंडा थाना क्षेत्र के दफ्तरा गांव में जलभराव से ग्रामीण परेशान रहे। ग्रामीणों ने बताया कि बारिश से गांव के कई लोगों के कच्चे मकान ढह गए। ओरन संवाद के अनुसार गुरुवार को कस्बे में 24 घंटों से ज्यादा समय तक बिजली आपूर्ति बाधित रही।
भाथा गांव के पास पांच घंटे ठप रहा आवागमन
जसपुरा। बांदा-हमीरपुर मार्ग पर भाथा गांव के पास बबूल के पेड़ों के गिरने से पांच घंटे आवागमन बाधित रहा। जाम में रोडवेज की बसें, ट्रक व अन्य वाहन फंसे रहे। जानकारी मिलने पर जसपुरा थाना प्रभारी अनिल कुमार पुलिस बल के साथ पहुंचे। वन विभाग की टीम ने पेड़ों को रास्ते से हटा कर आवागमन बहाल कराया।
उधर, बारिश से क्षेत्र के नांदादेव, मथुरापुरी, बिलौड़ा डेरा सहित अन्य गांवों में जलभराव से ग्रामीण परेशान रहे। बारिश से कई लोगों के कच्चे मकान ढह गए, जिससे उनके सामने रहने-खाने का संकट उत्पन्न हो गया। बारिश से मथुरापुरी निवासी सुरेंद्र, अरविंद, नांदादेव निवासी भूरी, बिलौड़ा डेरा के स्वामीदीन, राकेश, महिला डेरा की फुलिया सहित अन्य लोगों के घर गिर गए। पीड़ितों ने प्रशासन से मुआवजा की मांग की है।