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Banda News: सुलह खारिज, दहेज हत्या में पति सहित तीन को सजा

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बांदा। अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम चंद्रपाल की अदालत ने दहेज हत्या में वादी पक्ष के सुलह के बाद भी मृतक पूर्व बयान के आधार पर ससुर, पति, व जेठ सात-सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने अपने निर्णय में तल्ख टिप्पणी की कि मृतक पूर्व बयान अपने आप में खुद साक्ष्य व गवाह है। ऐसे में सुलह मायने नहीं रखता। आरोपी जमानत पर थे तीनों न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
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महोबा जनपद के खन्ना थाना क्षेत्र के कुलकुवां निवासी प्रीतम सिंह ने 19 अगस्त 2019 को थाना नरैनी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें कहा था कि बेटी मधु की शादी थाना क्षेत्र के बिल्हरका गांव निवासी नन्हूं सिंह उर्फ फुल्लू सिंह के साथ 20 मई 2013 को की थी। दहेज को लेकर शादी के बाद से ही पति नन्हू सिंह, ससुर रंजीत सिंह, जेठ जयपाल सिंह, जेठानी सुनैना प्रताड़ित कर रहे थे। सूचना पर बेटा अरुण सिंह पांच जुलाई 2019 को मधु लेने ससुराल गया। ससुरालीजनों ने गाली-गलौज करते हुए दहेज के पांच लाख, सोने की जंजीर, बाइक आदि लाने की बात कहकर भगा दिया।
धमकी दी यह सब नहीं मिला तो तुम्हारी बहन की लाश मिलेगी। पिता का आरोप था कि छह जुलाई 2019 को मिट्टी का तेल डालकर उसे जला दिया। ग्वालियर अस्पताल में उसकी मृत्यु हो गई। मामले की विवेचना तत्कालीन क्षेत्राधिकारी कुलदीप गुप्ता ने की। चार्जशीट में जेठानी सुनैना को हटा दिया गया। पति, ससुर व जेठ के विरुद्ध दहेज हत्या का आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। पुलिस ने मृत पूर्व मधु के बयान को अदालत में पेश किया। जिसमें मरने के पहले मृतका ने पति व जेठ पर केरोसिन डालकर आग लगाने की बात कही थी। ससुर पर जलाकर मार डालने का आरोप लगाया था। मुकदमा दरम्यान अभियोजन की ओर से दस गवाह पेश किए गए। इधर, सजा के डर से आरोपियों ने वादी पक्ष से सुलह कर लिया, लेकिन अदालत ने इस सुलह को सिरे से खारिज करते हुए साक्ष्य, गवाह व मृतका के बयान के आधार पर आरोपियों दोषी पाते हुए सजा सुनाई है।
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