बांदा। भूजल-संकट को देखते हुए लघु सिंचाई विभाग ने राऊ तालाब को मॉडल तालाब के रूप में विकसित करने सहित गवाइन व गडरा नदी में बने बंधों (चेकडैम) के जीर्णोद्धार के लिए 14.95 करोड़ का प्रस्ताव तैयार किया है। डीएम जे. रीभा ने इसे स्वीकृति के लिए परियोजना निदेशक भूगर्भ जल विभाग लखनऊ भेजा है।
प्रदेश के जल शक्ति राज्य मंत्री रामकेश निषाद ने प्रमुख सचिव नमामि गंगे को पत्र भेजकर अवगत कराया था कि जनपद भूगर्भ जल की उपलब्धता में संकटग्रस्त श्रेणी में आता है। ग्रीष्मकाल में अत्यधिक तापमान बढ़ने से सूखे की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। तालाब, पोखर सूख जाते हैं। आम लोगों सहित पशु पक्षियों को भीषण पेयजल संकट से जूझना पड़ता है।
ऐसे में भूजल स्तर बढ़ाने के लिए नदियों में स्थित बंधों का जीर्णोद्धार व प्राचीन व बड़े रकबे वाले तालाबों को मॉडल तालाब के रूप में विकसित किया जाए। प्रमुख सचिव के आदेश पर लघु सिंचाई विभाग ने ब्लॉक बड़ोखर के बसहरी में स्थित राऊ तालाब को मॉडल तालाब के रूप में विकसित करने के लिए 4.45 करोड़ का प्रस्ताव तैयार किया है।
इसी प्रकार गवाइन नदी में स्थित 48 किमी चेकडैम के जीर्णोद्धार के लिए 3.50 करोड़ और गडरा नदी में बने 74 किमी चेकडैम के जीर्णोद्धार के लिए भी सात करोड़ का प्रस्ताव तैयार किया है। जिलाधिकारी जे.रीभा ने प्रस्ताव को स्वीकृत के लिए शासन को भेजा है। सिंचाई विभाग का दावा है कि इससे जनपद के भूजल स्तर में सुधार होगा।