राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना अक्तूबर माह में शुरू कराने की तैयारी है। जिला व क्षेत्रीय पूर्ति कार्यालयों को कंप्यूटर और इंटरनेट से लैस किया जा चुका है। अब विपणन गोदामों को भी हाईटेक किया जा रहा है। इसके तहत मंडल मुख्यालय के जिला विपणन कार्यालय में पांच कंप्यूटर लगेंगे।
इसके अलावा सभी 9 मार्केटिंग इंसपेक्टरों को लैपटॉप दिए जाएंगे। इन लैपटॉप के जरिए गोदामों में आने वाले सरकारी अनाज, चीनी और कोटेदारों को आवंटन की पूरी जानकारी ऑनलाइन की जाएगी। कंप्यूटरीकरण होने के बाद जहां कागजी लिखापढ़ी से छुटकारा मिलेगा वहीं अफसर एक क्लिक पर पूरी डिटेल जान पाएंगे। आपूर्ति विभाग ने कंप्यूटरों की खरीद कर ली है।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना को साल भर पूर्व लागू किया जा चुका है, हालांकि अभी तक इसे अमलीजामा देने की तैयारी ही चल रही है। अब इसे अक्तूबर माह से शुरू कराने की मंशा जाहिर की गई है। योजना के तहत आपूर्ति विभाग की शाखा को कंप्यूटराइज्ड किया जा चुका है।
अब विपणन कार्यालय की बारी है। विपणन आफिस में पांच कंप्यूटर लगेंगे। और नगर सहित बड़ोखर, बबेरू, बिसंडा, जसपुरा, तिंदवारी, महुआ, कमासिन व नरैनी ब्लाक के मार्केटिंग इंसपेक्टरों को लैपटॉप दिए जाएंगे। विभाग ने 9 लैपटाप और 5 कंप्यूटर खरीद भी लिए हैं। इन्हें लगाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
सारे कंप्यूटर इंटरनेट कनेक्ट होंगे। आगे से विपणन गोदामों में स्टाक, राशन दुकानों का आवंटन और मार्केंटिंग इंस्पेक्टर के जरिए राशन की दुकानों से वितरण की पूरी जानकारी एक क्लिक पर उपलब्ध होगी। इससे निगरानी करना आसान हो जाएगा।
प्रक्रिया इंटरनेट पर आ जाने के बाद शासन स्तर से दोहरी मानीटरिंग कराई जाएगी। दरअसल, सरकारी अनाज की कालाबाजारी को बंद करने के लिए यह कवायद शुरू की जा रही है। शासन से करीब 20 लाख रुपये व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए जारी किए गए हैं।
वेबसाइट पर होगी पूरी जानकारी
आगे से गोदामों में भंडारित होने वाले अनाज का पूरी डिटेल इंटरनेट पर उपलब्ध होगी। एफसीआई और पीसीएफ से आने वाले राशन व चीनी की स्थिति देखने के लिए अधिकारियों को जिला मुख्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। विपणन विभाग की वेबसाइट पर क्लिक करते ही भंडार व आवंटन की पूरी जानकारी सामने आ जाएगी।