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65 फीसदी से ज्यादा वोटर पर नपेंगे बीएलओ

Thu, 06 Aug 2015 11:46 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
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जिन ग्राम पंचायतों में 65 फीसदी से ज्यादा वोटर पाए गए हैं वहां के बीएलओ पर गाज गिरना तय है। जिले में कई ग्राम पंचायतें तो ऐसी हैं जहां जनसंख्या से ज्यादा वोटर हो गए हैं। बीएलओ के इस ‘कमाल’ पर मंडलायुक्त ने भौंहें टेढ़ी कर ली हैं। उन्होंने जिला स्तरीय 32 अधिकारियों को जांच की जिम्मेदारी सौंपी है। 9 अगस्त तक ये अधिकारी गांवों में वोटरों का सत्यापन करके इसकी रिपोर्ट मंडलायुक्त को सौंपेंगे।
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त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 31 अगस्त को होना है। इसके पहले 8 अगस्त को अनंतिम वोटर लिस्ट प्रकाशित की जाएगी। इस समय मतदाता सूची संशोधन का काम चल रहा है। इसकी समीक्षा ऑनलाइन की जा रही है।

राज्य निर्वाचन आयोग के मुताबिक जनसंख्या का 65 फीसदी मतदाता होने चाहिए, लेकिन जिले की कई ग्राम पंचायतों में बीएलओ ने मतदाता सूची संशोधन में ‘कमाल’ कर दिखाया। यहां 80 से 85 फीसदी वोटर मिले हैं। नरैनी और बिसंडा ब्लाक में तो कई ग्राम पंचायतों में 100 फीसदी से ज्यादा वोटर बना दिए गए हैं।
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आयोग की सख्ती के बाद मंडलायुक्त ने ऐसी ग्राम पंचायतों में सत्यापन का काम शुरू कर दिया है। जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक बुलाकर मंडलायुक्त ने उन्हें सत्यापन की जिम्मेदारी सौंपी। ये जिला स्तरीय 32 अधिकारी 9 अगस्त तक 5-5 ग्राम पंचायतों में वोटरों का सत्यापन करेंगे।

मंडलायुक्त कल्पना अवस्थी ने कहा है कि जिस ग्राम पंचायत में 65 फीसदी से ज्यादा वोटर या गड़बड़ी मिलेगी वहां के बीएलओ के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उधर, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) डीएस मिश्रा ने बताया कि संबंधित ग्राम पंचायतों की सूची बनाई गई है। सत्यापन में उप जिलाधिकारियों, बीडीओ और सचिवों को भी लगाया जाएगा।

बांदा में 31 अफसरों को 139 गांवों की जांच का जिम्मा
जिलाधिकारी सह जिला निर्वाचन अधिकारी सुरेश कुमार ने बताया कि निर्वाचन आयोग की समीक्षा में बांदा जनपद में कई गांवों में वोटर और जनसंख्या का अनुपात 70 फीसदी से ज्यादा पाया गया है। यह 65 फीसदी से ज्यादा नहीं होना चाहिए। डीएम ने ऐसे लगभग 139 गांवों में सत्यापन के लिए 31 अधिकारियों की ड्यूटी लगाई है।

हर अधिकारी को 4 या 5 गांवों की जिम्मेदारी सौंपी गई। दरअसल आयोग ने कहा है कि कुछ बीएलओ/पर्यवेक्षकों ने सर्वेक्षण सही नहीं किया। नए मतदाता तो बढ़ा दिए पर अपात्रों के नाम नहीं काटे। ऐसे गांवों में खुली बैठकें करके सत्यापन के उपरांत अपात्र मतदाताओं के नाम हटाएं।

इन्हें माना जाएगा अपात्र
मतदाता का घर या जमीन उस गांव में तो है लेकिन वह बाहर रहता है।
सरकारी सेवा या रोजगार के लिए खुद या परिवार के साथ बाहर रहता है।
मतदाता सूची 2015 और बीएलओ द्वारा तैयार की गई सूची खुली बैठक में सुनाई जाएगी। उसमें जो कमियां पाई जाएंगी उन्हें अलग सूचीबद्ध किया जाएगा और सूची निर्वाचन कार्यालय को दी जाएगी।

इन अधिकारियों को मिले ये गांव
जिला विकास अधिकारी श्रीकृष्ण त्रिपाठी को तिंदवारी क्षेत्र के जसईपुर, धौसड़, भुजरख, पदारथपुर। भूमि संरक्षण अधिकारी दिनेश कुमार श्रीवास्तव को माचा, बेंदा, छिरहुटा, बिछवाही। एक्सईएन पीडब्ल्यूडी भगवानदास को बंबिया, पलरा, पिपरहरी, रेहुटा, बरेठीकलां। एक्सईएन लघु डाल नहर अजय मल्होत्रा को खप्टिहाकलां, महुई, गरौती, सैमरी व मिरगहनी।

महुआ ब्लाक में एक्सईएन लघु सिंचाई सत्य प्रकाश को अजीतपारा, दुरई माफी, रहूसत, अनथुवा व नगनेधी। समाज कल्याण अधिकारी केके सिंह को अधरोरी, मकरी, गिरवां, बरसड़ा खुर्द, पतौरा। नगर शिक्षा अधिकारी सुनील कुमार द्विवेदी को तेरा, दुर्गापुर, नौहाई, नंदवारा। एक्सईएन जल निगम एसपी सिंह को पनगरा, खरौंच, पचोखर व गोखिया।

उपायुक्त मनरेगा गिरीशचंद्र पाठक को नाई, हस्तभ, बहेरी और भवई की जांच दी गई है। कमासिन ब्लाक में भूमि संरक्षण अधिकारी अख्तर हुसैन को कुचौली, लखनपुर, अंडौली, औदहा और बुढ़ौली। भूमि संरक्षण अधिकारी मैदानी रामनरेश को बिनवट, जामू, बंथरी, तिलौसा, बछौंधा सानी। कृषि अधिकारी बालगोविंद यादव को लाखीपुर, छिलोलर, मवई और दतौरा गांव सौंपे गए हैं।

जसपुरा ब्लाक में सहायक निदेशक रेशम एके राव को गलौली, कानाखेड़ा, गाजीपुर व नरायण। उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. वीरेंद्र सिंह को गौरीकलां, पड़ोहरा, सिंधनकलां व तनगामऊ गांवों की जांच दी गई है।
बिसंडा ब्लाक में सहायक निबंधक सहकारी समितियां सुरेश कुमार को भदेहदू, साथी, दफ्तरा व कोर्रही।

खाद्य सुरक्षा अधिकारी चंद्रशेखर मिश्रा को बाघा, कैरी, घूरी व नांदनमऊ और जिला पूर्ति अधिकारी बिंदा प्रसाद को बेलदान, बिसंडा ग्रामीण व बीरी बिरहंड गांव दिए गए हैं। नरैनी ब्लाक में एक्सईएन पीडब्ल्यूडी आरसी पटेरिया को संग्रामपुर, बरछा डडिय़ा, आऊ, लुधौरा व बरेहंडा।

एक्सईएन नलकूप खंड लक्ष्मी नारायण वर्मा को पथरा, मुकेरा, खलारी, नहरी व पिपरा। परियोजना निदेशक भगवती प्रसाद वर्मा को नेढुवा, पंचमपुर, शाहपाटन, परसहर और सढ़ा। एई लघु सिंचाई अनंत राम सरोज को छितैनी, रामनगर निस्फ, महुई, रानीपुर व दिउली।

एक्सईएन केन कैनाल ओपी मौर्य को जबरापुर, पियार, महोतरा, महुटा व पल्हरी और उपायुक्त श्रम रोजगार महेंद्र कुमार पांडेय को बरकोला कलां, बसरेही, गजपतिपुर व बड़ैछा गांव की जांच व सत्यापन दिया गया है।

बबेरू ब्लाक मेें एक्सईएन आरईडी आरके वर्मा को मियां बरौली, सांतर, कायल, अनवान व हरदौली। डीआईओएस हिफजुर्रहमान को अछाह, भदौली, पिस्टा और शिव। डीपीआरओ रणधीर सिंह को निलाथू, बड़ागांव, अरथरा व भदवारी गांव आवंटित किए गए हैं।

बड़ोखर खुर्द ब्लाक में एई जल निगम अचल कुमार गुप्ता को लामा, जमालपुर, मटौंध ग्रामीण, अछरौड़ व चमरहा। भूमि संरक्षण अधिकारी सुधीर कुमार को गंछा, पडुई, पल्हरी, बांधा पुरवा व गुरेह।

सहायक निदेशक बचत परशुराम को डिंगवाही, चिल्ली, छनेहरा लालपुर, कुलकुम्हारी व करछा और उपायुक्त उद्योग शिवलाल को पचनेही, लुकतरा, मरौली, त्रिवेणी और उजरेहटा गांवों के सत्यापन में लगाया गया है।
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