बांदा में लॉकडाउन के बीच भी कई कोटेदार नाम काटने का झांसा देकर राशन हड़पने की जुगत भिड़ाए हैं। साथ ही कार्ड बनवाने के नाम पर उगाही करने से भी नहीं हिचक रहे। परेशान लोग अधिकारियों से शिकायतें कर रहे हैं। उधर, राज्यसभा सांसद विशंभर प्रसाद निषाद ने भी उच्चाधिकारियों तक ऐसी शिकायत पहुंचाई है।
तिंदवारी विधान सभा क्षेत्र में शामिल कनवारा, रघुवंशी डेरा आदि के महिला-पुरुष कार्डधारकों ने यहां कलक्ट्रेट में दी शिकायती अर्जी में कहा कि कोटेदार उनसे अंगूठा लगवाकर बार-बार चक्कर कटवाता है। हर बार तीन किलो कम अनाज देता है। शिकायतकर्ताओं में कल्लू, अर्जुन, चूरामणि, राजबहादुर, लालापाल आदि शामिल हैं।
उधर, महुआ क्षेत्र के खुरहंड आदि गांवों के ग्रामीणों ने बताया कि राशन कार्ड बनवाने के लिए कोटेदार 300 रुपये ले रहे हैं। कई ग्रामीणों से पैसा लेने के बाद भी कार्ड नहीं मिला। उधर, तमाम कार्ड धारकों को यह कहकर लौटाया जा रहा है कि उनके नाम सूची से कट गए हैं। महुआ के दिव्यांग रामनरेश ने बताया कि उसने यहां से गुजर रहे अतर्रा एसडीएम का वाहन रोककर राशन न मिलने की फरियाद सुनाई तो उन्होंने भी शिकायत अनसुनी कर दी। कार्डधारकों के यह सब वीडियो उच्चाधिकारियों को भी भेजे गए हैं।
उधर, सांसद विशंभर प्रसाद निषाद ने कहा है कि ऐसे संकट के समय में भी गरीबों का शोषण करने वाले कोटेदारों के विरुद्ध वह कार्रवाई कराएंगे। उधर, इस बारे में जिला पूर्ति अधिकारी राजीव तिवारी का कहना है कि जिन राशन कार्डों में पिछले छह माह से लेन-देन नहीं हुआ, वे निरस्त हो गए हैं। उन्हें नए सिरे से ऑनलाइन आवेदन करना होगा। यदि कोटेदार वसूली कर रहे हैं तो इसकी सूचना दें। जांच कर कार्रवाई की जाएगी।