किशोरी को बहला-फुसलाकर भगा दे जाने के बाद 25 दिनों तक उसके साथ दिल्ली में दुराचार करने के जुर्म में दस साल की सश्रम कैद और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी गई है। जुर्माना नहीं देने पर छह माह की कैद और होगी।
फतेहगंज थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी ने 22 जुलाई 2009 मेें रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी 14 वर्षीय पुत्री गांव के तिराहे पर फोटोकापी कराने गई थी। तभी उसे रज्जू पुत्र मैका अपने साथ लिवा गया।
पुलिस ने धारा 363, 366 आईपीसी का मुकदमा दर्ज किया। बाद में किशोरी के बरामद होने पर उसका डाक्टरी परीक्षण कराया गया और धारा 376 भी बढ़ाई गई। पुलिस ने विवेचना के बाद अदालत में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। अभियोजन की ओर से एडीजीसी आशुतोष मिश्रा ने छह गवाह पेश किए। आरोपी ने एक गवाह पेश किया।
मंगलवार को विशेष न्यायाधीश (डकैती) नरेंद्र कुमार ने अभियुक्त रज्जू पुत्र मैका को धारा 363 मेें दोषी पाते हुए क्रमश: पांच वर्ष की कैद और 15 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। जुर्माना न देने पर पांच माह और जेल में रहना होगा। धारा 376 में 10 वर्ष की सश्रम कैद और 25 हजार रुपये जुर्माना किया। जुर्माना अदा न करने पर छह माह जेल में और बिताना होंगे।