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किशोरी से दुष्कर्म, हत्या के दोषी को उम्रकैद

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बांदा। किशोरी के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या करने के दोषी को शनिवार को अपर जिला सत्र न्यायाधीश ने आजीवन कारावास व 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। कोर्ट से करीब साढ़े चार साल बाद फैसला आया है।
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एडीजीसी रामसुफल सिंह के मुताबिक, कालिंजर थाना क्षेत्र के एक गांव में 28 अक्तूूबर 2016 की शाम 14 वर्षीय किशोरी के साथ 44 वर्षीय मो. कैस उर्फ कल्लू ने पहले दुष्कर्म किया फिर उसकी हत्या कर दी थी। कल्लू गांव में गैस चूल्हा रिपेयरिंग की दुकान चलाता था। वह नरैनी कोतवाली क्षेत्र के सुभाष नगर का निवासी है। किशोरी के पिता ने शव बरामद होने के बाद 30 अक्तूूबर 2016 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। दो नवंबर 2016 को पुलिस ने कल्लू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। तब से वह जेल में है। किशोरी के पोस्टमार्टम रिपोर्ट में 14 चोटें होने की पुष्टि की गई थी।
पुलिस ने विवेचना के बाद आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। अभियोजन की ओर से एडीजीसी रामसुफल सिंह, कमल सिंह गौतम और केपी विश्वकर्मा ने नौ गवाह पेश किए। सभी गवाहों ने घटना की पुष्टि की। दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस सुनने के बाद अपर जिला सत्र न्यायाधीश ने अभियुक्त को दोषी पाते हुए धारा 302 में आजीवन कारावास व 20 हजार रुपये जुर्माना किया है। जुर्माना अदा न करने पर दो माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। पाक्सो एक्ट में 5 वर्ष की कैद और दो हजार रुपये जुर्माना की सजा दी है। जुर्माना अदा न करने पर उसे 10 दिन की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
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इंसेट---
मारपीट के दो दोषियों को दो-दो वर्ष कैद
बांदा। खेत में जानवर घुसने के विवाद में हुई मारपीट की घटना में दोषी दो अभियुक्तों को शनिवार को विशेष न्यायाधीश रामकरण द्वितीय ने 2-2 वर्ष की कैद व 2-2 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई गई। जुर्माना अदा न करने पर एक-एक माह की अतिरिक्त कै द होगी।
नरैनी क्षेत्र के गढ़ा गांव में 28 दिसंबर 2003 को दोपहर छंगू अपने खेत की रखवाली कर रहा था। तभी गांव के भाऊ और मुनुवा अपने जानवर लेकर आए और खेत में हांक दिए। छंगू के मना करने पर दोनों ने लाठियों से हमलाकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। घायल की थाने में रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई तो उसने 8 जनवरी 2004 में एसपी को प्रार्थनापत्र देकर रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की। सुनवाई न होने पर सीजेएम की अदालत में बहस हुई। कोर्ट के आदेश पर थाने में 20 जनवरी 2004 को रिपोर्ट दर्ज की गई। पुलिस ने विवेचना के बाद आरोपपत्र कोर्ट में दाखिल किया। अभियोजन की ओर से विशेष अभियोजक विमल सिंह व एडीजीसी जावत्री प्रसाद विश्वकर्मा ने छह गवाह पेश किए। दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस और पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करते हुए विशेष न्यायाधीश रामकरण द्वितीय ने दोनों को 2-2 वर्ष कैद व 2-2 हजार रुपये जुर्माना। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। जेल में बिताई अवधि सजाओं में समायोजित की जाएगी।
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