बांदा। चित्रकूटधाम मंडल के मानिकपुर जंक्शन में हाल
ही ट्रेन में मिले बम और अन्य स्थानों पर भी ऐसी घटनाओं के बाद रेलवे
द्वारा जारी किया गया अलर्ट मंडल मुख्यालय बांदा में सिर्फ कागजी बनकर रह
गया।
हजारों यात्री भगवान भरोसे हैं। रेलवे स्टेशन में न मैटल
डिटेक्टर है न सीसीटीवी कैमरे। आरपीएफ और जीआरपी यात्रियों के सामान की
छानबीन की औपचारिकता में ही अलर्ट निपटा रही है।
रेलवे में बम आदि
की हाल ही में देश में कई घटनाएं हुई हैं। बांदा की सरहद से जुड़े चित्रकूट
जनपद के मानिकपुर रेलवे स्टेशन में हाल ही में यात्री एक्सप्रेस ट्रेन में
बम पाया गया। उसके बाद अलर्ट जारी किया गया।
उधर, आतंकवादी घटनाएं
भी बढ़ी हैं। इन सबके बावजूद चित्रकूटधाम मंडल मुख्यालय में सुरक्षा की
कोई चौकस व्यवस्था नहीं है। रेलवे स्टेशन के प्रवेश द्वार पर लगा मैटल
डिटेक्टर पिछले एक वर्ष से खराब पड़ा है।
इसको दुरुस्त नहीं कराया
गया। सीसीटीवी कैमरे लगाए ही नहीं गए। यात्रियों और रेलवे संपत्ति की
सुरक्षा के लिए तैनात आरपीएफ भी आतंकी घटनाओं से निपटने के लिए प्रशिक्षित
या तैयार नहीं है।
बम डिस्पोजल दस्ता या प्रशिक्षित जवान नहीं हैं।
आरपीएफ में आठ जवानों के पद अर्से से खाली हैं। महिला कांस्टेबिल के पांच
पद भी रिक्त हैं।
रेलवे स्टेशन चारों ओर से खुला है। चौतरफा रास्ते
हैं। रेल अधिकारी बताते हैं कि प्लेटफार्म पर 14 स्थानों पर सीसीटीवी
कैमरे लगवाने का प्रस्ताव भेजा जा था, लेकिन अभी मंजूरी नहीं मिली।
उधर,
आरपीएफ थाना प्रभारी चंद्रशेखर रजक का कहना है कि पूरी चौकसी बरती जा रही
है। खराब मैटल डिटेक्टर को ठीक कराने के लिए कई बार आला अफसरों को लिखा जा
चुका है। सीसी कैमरे की प्रक्रिया चल रही है।