बांदा। डीएम बांदा के नाम से फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर अलग-अलग लोगों से रुपये मांगने वाले युवक को पुलिस ने मंगलवार को मवई बाईपास से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार वह रुपये लेने के लिए बांदा आया था और पुलिस उसकी गतिविधियों पर नजर रखे हुए थी। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
कुछ दिन पहले फेसबुक पर एक युवक ने डीएम बांदा के नाम की आईडी बनाई और अलग-अलग लोगों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजकर उसने रुपये मांगने शुरू कर दिया। जैसे ही यह मामला प्रशासन के संज्ञान में आया तो 29 अगस्त को अपर जिला सूचना अधिकारी शारदा देवी ने कोतवाली नगर में तहरीर देकर अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
एसपी पलाश बंसल ने खुलासे की जिम्मेदारी नगर कोतवाली पुलिस व सर्विलांस सेल को दी और इस पर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए। पुलिस ने डिजिटल साक्ष्यों, सोशल मीडिया गतिविधियों और अन्य तकनीक का प्रयोग करते हुए आरोपी को चिह्नित कर लिया और उसकी गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू की।
मंगलवार को युवक एक व्यक्ति से रुपये लेने के लिए बांदा मवई बाईपास पहुंचा तो पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। युवक की पहचान राजस्थान अलवर के थाना रामगढ़ क्षेत्र के मानकी सादिकावास निवासी मुश्ताक के रूप में हुई। उसके कब्जे से एक मोबाइल भी बरामद किया गया है।
पुलिस ने अपील की है कि कोई भी व्यक्ति सोशल मीडिया पर किसी अधिकारी, जनप्रतिनिधि या प्रतिष्ठित व्यक्ति के नाम से संचालित फर्जी आईडी से आने वाली आर्थिक सहायता संबंधी अनुरोध पर विश्वासन न करें। इसकी जांच जरूर कर लें। अनजान लिंक पर क्लिक न करें और न ही किसी के साथ ओटीपी साझा करें।
फोन पर बैंक संबंधी जानकारी किसी को न दें। किसी अधिकारी के नाम से रुपयों की मांग या अन्य सहायता मांगने पर इसकी जांच उनके विभाग से जरूर करें। फर्जी आईडी के जरिए होने वाली ठगी की घटनाओं से सावधान रहें और इसकी शिकायत करें।