फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बारिश से घर धराशायी, सैकड़ों बेघर

Fri, 19 Aug 2016 11:30 PM IST
ब्यूरो अमर उजाला, बांदा
विज्ञापन
तिंदवारी क्षेत्र के बेंदा गांव में डूबी फसल। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
बांदा। मूसलाधार बारिश ने जमकर तबाही मचाई। शहर से लेकर गांव तक सैकड़ों मकान धराशायी हो गए। दर्जनों गांव टापू बन गए। कहीं भी सरकारी राहत नजर नहीं आई। ग्रामीण अपने बूते या भगवान भरोसे इस दैवी आपदा का सामना कर रहे हैं। अफसरों का ग्रुप व्हाट्सएप पर ग्रुप मैसेज डालकर राहत कार्य चला रहा है। धरातल पर बाढ़ पीड़ित परेशान हैं। सरकारी कार्यालय, खेल के मैदान, अस्पताल भी जलमग्न हैं।
विज्ञापन


शुक्रवार को शहर के लगभग सभी मोहल्लों में जलभराव रहा। वीआईपी इलाके में स्थित जीआईसी ग्राउंड तालाब जैसा नजर आया। खेल मैदान राइफल क्लब में भी लबालब पानी भरा है। कलेक्ट्रेट, तहसील परिसर, विकास भवन इत्यादि सरकारी परिसर भी जलभराव से अछूते नहीं रहे।

उधर, खाईपार, निम्नीपार, मर्दननाका, छिपटहरी, खुटला, कटरा, क्योटरा, स्वराज कालोनी, इंदिरा नगर, आवास विकास, गायत्री नगर, परशुराम तालाब, सेढू तलैया और शहर के इर्दगिर्द बसे नए मोहल्लों में जगह-जगह जल भराव हो गया। लोग घरों में कैद हो गए। बड़ी संख्या में बच्चे स्कूल नहीं जा सके। एसडीएम प्रहलाद सिंह ने कई प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया।
विज्ञापन


अतर्रा प्रतिनिधि के मुताबिक बदौसा क्षेत्र के बरछा गांव में बागै नदी की बाढ़ से दर्जन भर परिवार बेघर हो गए। एसडीएम ने नाव के सहारे लोगों को बाहर निकाला। इंटर कॉलेजों में पीड़ित परिवारों के ठहरने और खाने का इंतजाम किया गया। अनुथवा, नगनेधी, नंदना, तेंदुही, मकरी, ओरन में सड़कें काटकर पानी निकाला जा रहा है। हस्तम व भुसासी गांव में नाव भेजी गई हैं। बिसाहिल नाले का पानी घरों में घुस गया है।

लेखपालों को मौके पर लगाया गया है। उधर, अतर्रा कस्बे कई मोहल्लों में केन कैनाल और गोखिया रोड का पानी घुसा। सिविल लाइन, गौराबाबाधाम समेत सीएचसी, पशु अस्पताल जलभराव की जद में रहे। तहसीलदार धीरेंद्र कुमार व एसडीएम क्रांति शेखर ने ईओ नरेंद्र मिश्रा के साथ प्रभावित मोहल्लों का दौरा किया। नगवारा मेें भी  कई मकान ढह गए। अनुथवा गांव में रोड कटवाकर पानी निकलवाया गया।  

बबेरू प्रतिनिधि के मुताबिक करुइहा पुरवा, राघव थोक, अंबेडकर नगर, कमासिन रोड, जमुनिहा पुरवा सहित कई मोहल्लों में लोगों के घरों में बारिश का पानी घुस गया। आधा दर्जन लोगों के मकान ढह गए। एसडीएम सुरेंद्र प्रसाद यादव ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। मंठा ग्राम प्रधान माया देवी ने बताया कि गांव में राजाराम कुशवाहा का मकान ढह गया।
खप्टिहाकलां प्रतिनिधि के मुताबिक केन नदी की बाढ़ से सेमरा, डेरा, छनिहा डेरा, शिवपाल डेरा, पंडितन डेरा समेत कई गांव प्रभावित हैं।

इन गांवों में प्रशासन से कोई इंतजाम न होने से लोग भूखों मर रहे हैं। केवट खुद नाव लेकर बाढ़ में घिरे लोगों को बाहर निकाल रहे हैं। धर्मेंद्र, रामबहादुर सिंह, जगन्नाथ, भुल्लर, रामचरन निषाद, जुगला, लाखन आदि ने बताया कि सेमरा डेरा बस्ती व मजरों का रास्ता खप्टिहकलां से बंद हो गया है। अमारा व पड़ोहरा गांव भी बाढ़ से घिरे हैं। उसरा डेरा में किसान मनोज कुमार व रामफल के पुरवे पानी से घिरे हैं।

नरैनी प्रतिनिधि के मुताबिक बागै नदी के उफान और लाल निशान से तीन मीटर ऊपर होने से कई गांव बाढ़ की जद में हैं। प्रशासन ने नदी के तटवर्ती गांवों में एलर्ट जारी किया है। गुढ़ा कला गांव का मजरा मैकू का पुरवा पानी से चारो तरफ से घिरा है। एसडीएम सीएल सोनकर, तहसीलदार व नायब तहसीलदार शुक्रवार को नाव से गांव पहुंचे और बचाव कार्य शुरू कराया। बाढ़ चौकियों में तैनात कर्मियों को पल-पल की खबर रखने के निर्देश दिए।

बाढ़ में फंसे दो किसान
बांदा। भारतीय किसान सेना राष्ट्रीय अध्यक्ष रमाकांत मिश्र ने अमारा के मजरा उसरा डेरा में पांच दिन से फंसे दो किसानों को बचाने की मांग प्रशासन से की है। कहा कि नलकूप की रखवाली कर रहे किसान मनोज कुमार मिश्र और मरोहला डेरा के रामफल निषाद पांच दिनों से बाढ़ में फंसे हैं। खाने-पीने का कोई इंतजाम नहीं है। घास-फूस खाकर खुद को बचा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें