बिसंडा (बांदा)। रक्षाबंधन पर बनाए गए पकवान और भोजन से 18 वर्षीय युवती की मौत हो गई। परिवार के आधा दर्जन अन्य सदस्य उल्टी, दस्त की चपेट में आकर गंभीर रूप से बीमार हो गए। उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है।
परिजनों का कहना है कि राहत पैकेट की सामग्री से खाना बना था। एसडीएम के निर्देश पर तहसीलदार ने जांच शुरू कर दी है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी से खाद्य सामग्री के नमूने भरवाए जा रहे हैं।
घटना पुनाहुर गांव की है। यहां गुरुवार को रक्षाबंधन के मौके पर मोतीलाल के यहां खाना और कुछ मीठा बना था। परिवार के सभी सदस्यों ने इसे रात में खाया। गृहस्वामिनी बृजरानी ने बताया कि खाना और मीठा खाते ही घर के सभी लोगों को उल्टी, दस्त शुरू हो गए। इनमें बृजरानी के पुत्र सिद्ध गोपाल (22), विजय कुमार (6) और पुत्रियां शांती (20), पूनम (18), रोशनी (12), मंजू (10) और संजू (8) शामिल हैं।
शुक्रवार को सुबह पूनम की मौत हो गई। इस बीच खबर पाकर एसडीएम क्रांति शेखर सिंह आ गए। उन्होंने सभी बीमारों को अतर्रा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। सभी का इलाज चल रहा है। एसडीएम ने तहसीलदार, थानाध्यक्ष और स्वास्थ्य विभाग को सूचना देकर मौके पर बुलाया। बिसंडा थाना पुलिस ने पूनम के शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। एसडीएम ने बताया कि तहसीलदार को पूरी घटना की जांच सौंपी गई है। साथ ही खाद्य सुरक्षा विभाग पकाए और खाए गए खाने के नमूने सील कर रहा है। उनकी भी जांच होगी।
गृहस्वामिनी बृजरानी ने बताया कि करीब 15 दिन पहले गांव के कोटेदार से सूखा राहत पैकेट मिला था। रक्षाबंधन पर इसी पैकेट के दूध पाउडर से मीठा बनाया था। पैकेट के आटे से रोटी और पैकेट के साथ मिले आलू की सब्जी पकाई थी। यही खाना और मीठा सभी सदस्यों ने खाया।
मृतका के पिता मोतीलाल ने थाने में दी तहरीर में भी यही कहा है कि राशन किट की सामग्री से बने भोजन और मीठा खाकर उसके बच्चे बीमार हुए और एक पुत्री की मौत हो गई। एसडीएम का यह भी कहना है कि 17 जुलाई को पुनाहुर गांव के 168 लोगों को राशन पैकेट बांटे गए थे। गांव में अन्य कहीं से शिकायत नहीं मिली। भाजपा नेता गीता सागर ने अस्पताल जाकर पीड़ितों का हालचाल लिया।