बांदा। बुंदेलखंड क्षेत्र में चक्रवाती तूफान मेंथा का व्यापक असर रहा। जिले में गुरुवार को 19 मिमी बारिश रिकाॅर्ड की गई। तीन दिनों में जिले में 26 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। 27 अक्तूबर को पांच मिमी, 28 अक्तूबर को छह मिमी बारिश हुई। सुबह से शुरू हुई बारिश देर शाम तक चलती रही। कक्षा एक से आठ तक के स्कूलों में रेनी डे घोषित कर दिया गया। वहीं, किसानों की खेत में पड़ी धान की कटी फसल पानी भीग गईं। खेतों में पानी भरने से धान की फसल सड़ने का खतरा बढ़ गया है। 31 अक्तूबर को भी हल्की वर्षा, मेघ गर्जन, व्रजपात और तेज हवा चलने की संभावना जताई जा रही है। मौसम विभाग ने यलो अलर्ट जारी किया है।
कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विभाग विशेषज्ञ दिनेश साह के मुताबिक बेमौसम बारिश से खरीफ की फसल धान को खासा नुकसान है। खेत में कटी और पकी खड़ी फसल भीगने से नुकसान हो रहा है। दाने काले पड़ने की आशंका है। किसानों को सलाह दी है कि बारिश के बाद धूप निकलने पर ही फसल की कटाई करें। कटी फसल को भीगने से बचाने के उपाय करें, बाद में अच्छी तरह से सुखाकर दाने निकाल लें। रबी की बोई गई फसल में जल निकासी की व्यवस्था कर लें। बोई गई रबी की फसल का अंकुरण अत्यधिक प्रभावित होगा। रोग लगने की भी संभावना बढ़ गई है।
अतर्रा/ओरन/तिंदवारी। क्षेत्र में खेतों में कटाई के लिए तैयार खड़ी धान की फसल पानी में डूबकर बर्बाद हो गईं। जिन किसानों ने फसल खेतों में सुखाने के लिए रखी थी, वह अब सड़ने लगी है। खेतों में लबालब पानी भर जाने से किसानों के चेहरों पर मायूसी छा गई है। तहसील क्षेत्र के किसान शंभू धतुरहा, अरुण पांडेय, सुधीर, विज्ञान शुक्ला आदि ने बताया कि सालभर की मेहनत व्यर्थ हो गई। उधर, ओरन क्षेत्र के किसान करुणा सागर, अखिलेश शुक्ला, रवि, अवधविहारी, राजेश कुमार, रमेश आदि ने बताया है कि पिछले साल भी धान की फसल खराब हो गई थी। कम पैदावार होने से किसानों की कमर टूट गई थी। इस वर्ष भी ऐसा हुआ तो किसान बर्बाद हो जाएगा। इस समय रबी के अलावा चना, मसूर, सरसों आदि फसलों के बुआई का समय है। बारिश के चलते बुआई भी पिछड़ रही है। तिंदवारी क्षेत्र के किसान विजयपाल सिंह पटेल, विमल द्विवेदी ने बताया कि खेतों में मटर चना, मसूर की बुआई की थी। बारिश के बाद बीज खराब होने की आशंका हैं।
अतर्रा के किसान सुरेश शुक्ला ने कहा तीन दिन की बारिश ने मेहनत पर पानी फेर दिया। खेतों में खड़ी फसल डूब गई। अब घर का चावल भी बाहर से खरीदना पड़ेगा।
तिंदवारी के किसान रतीभवन सिंह बताते हैं कि बेमौसम बारिश से फसल को काफी नुकसान हुआ है। ज्वार, धान की फसल खेतों में गिरकर खराब हो रही है। रबी की फसल मटर चना की बुआई की गई थी। खेत में पानी भर जाने से मेहनत मिट्टी में मिल गई।