बांदा। रेलवे ने केन नदी के नीचे से निकली बिजली की 11 हजार वोल्ट की लाइन को काट दिया। यह लाइन केन पुल निर्माण में बाधा उत्पन्न कर रही थी। इससे शहर के डेढ़ दर्जन मोहल्ले अंधेरे में डूब गए। एक्सईएन विद्युत ने रेल अधिकारियों की लापरवाही के विरूद्ध कोतवाली में तहरीर दी है।
झांसी-मानिकपुर रेल लाइन के दोहरीकरण का काम तेजी के साथ चल रहा है। खैरार जंक्शन तक 70 फीसदी पूरा हो गया। रेलवे ने अब बांदा में स्थित केन नदी में पुल बनाने का काम शुरू कर दिया है। पत्थरों को तोड़कर पिलर किए जा रहे है। पुल निर्माण में भूरागढ़ विद्युत सब स्टेशन से शहर की ओर अंडर ग्राउंड 11 हजार वोल्ट की बिजली लाइन बाधा उत्पन्न कर रही थी। पुल का निर्माण करा रही कार्यदायी संस्था ने रेलवे के बिजली विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की मदद से सोमवार की शाम लाइन को कटवा दिया। जिससे शहर के एक दर्जन मोहल्लों की बिजली गुल हो गई।
लाइन कटने की जानकारी मिलने पर पहुंचे बिजली विभाग के अधिकारियों को लाइन नहीं जोड़ने दिया। जिससे इन मोहल्लों के लोग पिछले 36 घंटे से भीषण गर्मी में बिजली संकट से जूझ रहे है। सूत्रों की माने तो अभी दो दिन तक लाइन के और कटे रहने की संभावना है। हालांकि बिजली विभाग के अधिकारी लाइन चालू करने के लिए दूसरे विकल्प की तलाश कर रहे है।
रेलवे के अधिकारियों ने बिना सूचना के लाइन काट दी। इससे डेढ़ दर्जन मोहल्ले प्रभावित हैं। विभाग का खासा नुकसान भी हुआ है। इसकी लिखित तहरीर नगर कोतवाली में दी गई है।
प्रकाश देव
अधिशासी अभियंता (विद्युत शहर)
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लाइन काटने का आरोप गलत है। पुल निर्माण के दौरान लाइन अचानक कट गई है। बिजली विभाग से कहा गया है कि वह लाइन को अलग कर दूसरे किसी स्थान से ले जाए।
आरपी अवस्थी
सीनियर सेक्शन इंजीनियर विद्युत (रेलवे)