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रेलवे संपत्ति व परिचालन की होगी ऑनलाइन निगरानी

Thu, 02 Feb 2017 11:53 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, बांदा
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थाना में कंप्यूटर में रिकार्ड आनलाइन करते आरपीएफकर्मी। - फोटो : अमर उजाला
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बांदा। रेलवे संपत्ति और रेलवे परिचालन की अब ऑनलाइन निगरानी होगी। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) में दर्ज होने वाली घटनाएं और अन्य विभागीय जानकारियां अब कुछ ही समय में रेलवे बोर्ड तक पहुंच जाएंगी। इसके लिए झांसी रेल मंडल के सभी थानों को आरपीएफ सिक्योरिटी मैनेजमेंट सिस्टम (आरएसएमएस) से जोड़ा जा रहा है। इसके लिए आरपीएफ थानों में कंप्यूटर भी उपलब्ध करा दिए गए हैं। अब एक क्लिक पर रेलवे से जुड़ी सभी घटनाओं की जानकारी मिलेगी। साथ ही आरपीएफ थाने में अब अपराधों का 10 सालों का रिकार्ड सुरक्षित रहेगा।  
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डिजिटल इंडिया से अब आरपीएफ थाने भी अछूते नहीं रहेंगे। आरएसएमएस योजना से अभी तक रेलवे बोर्ड के अलावा आरपीएफ के जोनल व मंडल के कंट्रोल रूम ही जुड़े हैं। अभी थानों में दर्ज होने वाली घटनाओं और अन्य विभागीय जानकारियों को फोन से मंडल कंट्रोल रूम में बैठे कर्मचारियों को बताना पड़ता है। इसके बाद मंडल कंट्रोल रूम में बैठे कर्मचारी उन जानकारियों को आरएसएमएस में फीड करते हैं। तब कहीं जाकर उस डाटा को ऑनलाइन आगे बढ़ाया जाता है। कभी भी फोन पर सूचनाएं आदान-प्रदान करने में गलतियों की आशंका बनी रहती है। कंट्रोल रूम से ही सभी जानकारियां जोनल व रेलवे बोर्ड को भेजी जाती है। थाने के आरपीएफ जवान अशोक कुमार सिंह ने बताया कि सिस्टम से सभी थानों को जोड़ने के प्रयास शुरू हो गए हैं। इसके लिए थाने को कंप्यूटर मुहैया कराए गए हैं। साथ ही मंडल की 18 यूनिटों में तैनात दो-दो जवानों को आरएसएमएस की ट्रेनिंग लखनऊ के जगजीवनराम रेलवे सुरक्षा एकेडमी में दिला दी गई है।


‘यूपी-100’ की तर्ज पर आरपीएफ भी
बांदा। रेलवे संपत्ति और परिचालन की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाले आरपीएफ अभी वाहन विहीन है। कहीं फाटक टूटने या लाइन में गड़बड़ी होने, फाटक में तैनात गार्डों के साथ होने वाले हादसों की सूचना पर आरपीएफ जवान अपनी निजी बाइक से दौड़ लगाते हैं। ठंडी हो गर्मी या बारिश उन्हें अपनी बाइक से ही घटना कवर करनी पड़ती है लेकिन अब जल्द ही थाने को नए चार पहिया वाहन मिलेगा। साथ ही दो बाइकों की भी सौगात मिलेगी। ताकि यूपी -100 की तर्ज पर वह बिना समय गवाएं घटना स्थल पर पहुंच सकें।
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मिनटों में बोर्ड तक पहुंचेगी जानकारी
‘आरपीएफ थाने आरएसएमएस सुविधा से लैस होने के बाद रेलवे बोर्ड के आदेश तुरंत मिल जाएंगे। किसी भी बड़ी घटना की जानकारी बोर्ड तक मिनटों में पहुंचेगी। साथ ही जवानों की स्थिति व अन्य रिकार्ड भी तुरंत मिलेंगे। अपराधों की स्थिति व उनसे जुड़े शातिर बदमाशों का इतिहास पता करने में भी दिक्कत नहीं होगी। -राजीव राणा, थानाध्यक्ष, आरपीएफ (बांदा)
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