बांदा। दो दिन की छुट्टी से लौटे रेडियोलॉजिस्ट डॉ. किशुन कुमार ने सीएमएस का चार्ज नहीं छोड़ा। बुधवार को सीएमएस का पदभार ग्रहण करने पहुंचे आर्थोपेडिक सर्जन डॉ. विनय कुमार ने चार्ज ग्रहण कराने के लिए कहा तो बोले कि जिलाधिकारी से बात करने के बाद ही चार्ज छोड़ेंगे। इस पर डॉ. विनय कुमार काफी देर सीएमएस कार्यालय में ही बैठे रहे, उसके बाद अपनी ओपीडी में चले आए। उधर, रेडियोलॉजिस्ट सीएमएस डॉ. किशुन कुमार ने प्रशासनिक कार्य के साथ-साथ ओपीडी में बैठकर 72 मरीजों के अल्ट्रासाउंड किए।
जिला अस्पताल में कार्यरत कार्यवाहक सीएमएस डॉ. एसडी त्रिपाठी के 30 जून को सेवानिवृत्त होने पर वरीष्ठता क्रम पर जिला अस्पताल के रेडियोलॉजिस्ट डॉ. किशुन कुमार को सीएमएस का पदभार सौंपा गया था। सीएमएस बनने के बाद डॉ. किशुन कुमार ने रेडियोलॉजिस्ट का कार्य करना बंद कर दिया था। इससे जिला अस्पताल में तकरीबन 10 दिन तक अल्ट्रासाउंड सेवा बाधित रही थी।
11 जुलाई को पेट में दर्द होने पर बेटी को लेकर जिलाधिकारी जे. रीभा बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आरके गुप्ता की ओपीडी में पहुंचीं। बाल रोग विशेषज्ञ की सलाह पर बेटी का अल्ट्रासाउंड कराने पैथोलॉजी स्थित अल्ट्रासाउंड कक्ष पहुंची तो सीएमएस रेडियोलॉजिस्ट डॉ. किशुन कुमार ने अल्ट्रासाउंड किया। इसके बाद अल्ट्रासाउंड कक्ष पर ताला लगा दिया।
मामला सुर्खियों में आने पर रेडियोलॉजिस्ट को शासन की नियमावली के अनुसार शनिवार को मरीजों का अल्ट्रासाउंड करना पड़ा। रविवार, सोमवार व मंगलवार को छुट्टी पर चले गए थे। उनके छुट्टी पर जाने पर प्रभारी सीएमएस डॉ. विनीत सचान ने सीएमओ डॉ. विजेंद्र के निर्देश पर प्राइवेट डॉक्टरों की ड्यूटी लगाकर सोमवार और मंगलवार को मरीजों का अल्ट्रासाउंड कराया।
बुधवार को लौटे रेडियोलॉजिस्ट डॉ. किशुन कुमार ने रेडियोलॉजिस्ट का काम किया। उधर, आर्थोपेडिक सर्जन डॉ. विनय कुमार भी अपनी ओपीडी में हड्डी रोगियों को देखते रहे।
वर्जन
रेडियोलॉजिस्ट और सीएमएस के प्रशासनिक कार्य देखने में मैं सक्षम हूं। दोनों कार्याें को बाखूबी अंजाम दे रहा हूं। अभी मंडलायुक्त की बैठक में शामिल होने जा रहा हूं। सीएमएस का चार्ज नहीं छोड़ा है। आगे उच्चाधिकारियों का जो आदेश होगा उसका पालन किया जाएगा।- डॉ. किशुन कुमार
सीएमएस रेडियोलॉजिस्ट, जिला अस्पताल बांदा।
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बुधवार को वह कार्यालय में रेडियोलॉजिस्ट सीएमएस डॉ. किशुन कुमार से चार्ज लेने के लिए गए थे। लेकिन उन्होंने यह कहकर मना कर दिया कि वह जिलाधिकारी से बात करके ही कोई निर्णय लेंगे। उनकी बात सुनने के बाद काफी देर तक कार्यालय में बैठने के बाद वह अपनी ओपीडी में वापस आ गए थे।
डॉ. विनय कुमार, आर्थोपेडिक सर्जन, जिला अस्पताल बांदा।
शासन के आदेश होगा अनुपालन
बांअपर निदेशक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा डॉ. रेखा रानी ने बताया कि जिलाधिकारी की ओर से जारी आदेश के क्रम में प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य व महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य को पत्र लिखकर अवगत कराया था। 11 जुलाई को सीएमएस पद पर बैठे रेडियोलॉजिस्ट डॉ. किशुन कुमार की ओर से जारी पत्र में कहा कि वह सीएमएस के प्रशासनिक कार्य के अलावा रेडियोलॉजिस्ट का भी कार्य देखेंगे, को शासन को भेज दिया था। ऐसी स्थिति में अभी जिलाधिकारी की ओर से दिए गए आदेश का फिलहाल अनुपालन नहीं कराया गया है। बुधवार को मंडलायुक्त की बैठक में सीएमएस डॉ. किशुन कुमार ने सीएमएस व रेडियोलॉजिस्ट दोनों का कार्य देखने की बात कही है। इसलिए फिलहाल वही सीएमएस रहेंगे। शेष शासन से जो भी आदेश आएगा उसका अनुपालन किया जाएगा।
वर्जन
जिला अस्पताल में बाधित हुई अल्ट्रासाउंड सेवा को लेकर उन्होंने अपर निदेशक स्वास्थ्य समेत प्रमुख सचिव व महानिदेशक को पत्र लिखकर रेडियोलॉजिस्ट को सीएमएस पद से मुक्त करने के लिए लिखा था। चूंकि स्वास्थ्य सेवाएं अपर निदेशक स्वास्थ्य को देखनी होती हैं, इसलिए उनके स्वविवेक पर निर्णय छोड़ दिया है। -जे.रीभा, जिलाधिकारी, बांदा