बांदा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ‘गंदगी भारत छोड़ो’ नारा यहां भी शहर और कस्बों तक गूंजेगा। अमर उजाला आज से ‘गंदगी बांदा छोड़ो’ का समाचारीय अभियान चलाएगा।
मंडल मुख्यालय बांदा शहर में कई प्रमुख और सार्वजनिक स्थलों, बस्तियों और बाजारों में गंदगी से स्थायी निजात नहीं मिल रही। कोरोना संक्रमण के दौरान भी शहर और कस्बों में हालात जस के तस हैं।
अभियान के तहत प्रतिदिन ऐसे स्थलों की गंदगी की तस्वीर पेश की जाएगी। संबंधित विभाग और प्रशासन के अधिकारियों तथा जनप्रतिनिधियों का ध्यान आकृष्ट कराया जाएगा। खासकर स्थानीय निकायों में जनता द्वारा चुने गए जनप्रतिनिधियों को इस दिशा में सुध लेने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
यहां हर समय रहती है गंदगी
मंडल मुख्यालय बांदा शहर में चिल्ला रोड पर चर्च के पास सड़क किनारे गंदगी में डेरा डाल रखा है। कूडे़ का यह ढेर स्थायी बनकर रह गया है। चंद कदम दूरी पर सांसद (राज्यसभा) विशंभर प्रसाद निषाद का आवास है। इससे कुछ दूरी पर मंडलायुक्त सहित डीआईजी और अन्य आला अफसरों के बंगले हैं। प्राइवेट अस्पताल है, फिर भी सफाई को यहां प्राथमिकता नहीं मिली।
रोडवेज बस अड्डे परिसर में भी गंदगी
वीआईपी इलाके डीएम कालोनी, कलक्ट्रेट के नजदीक नेशनल हाइवे किनारे स्थित रोडवेज बस अड्डे का भवन और परिसर कई करोड़ की लागत से तैयार किया गया है। बसों का संचालन शुरू हो गया है।
हालांकि अभी औपचारिक उद्घाटन नहीं हुआ। चमचमाते नए भवन के परिसर में कई स्थानों पर कूड़े, कचरे के ढेर और गंदे पानी का भराव है। यहीं बसें खड़ी होती है। यात्री इसी गंदगी के पास से बसों पर चढ़ते उतरते और आते जाते हैं। रोडवेज कर्मियों ने बताया कि सफाई के नाम पर खानापूरी होती है।
अभियान का हिस्सा बनें फोटो और विवरण भेजें
बांदा। ‘गंदगी बांदा छोड़ो’ समाचारीय अभियान अमर उजाला ने छेड़ा है। नगर पालिका परिषद, नगर पंचायत, ग्राम पंचायत आदि एजेंसियों का ध्यान आकृष्ट कराकर सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने का प्रयास है।
इस अभियान में हम जिले के लोगों को शामिल कर रहे हैं। नागरिकों से अपील है कि अपने आसपास ऐसे गंदगी वाले स्थानों की फोटो और पूरा विवरण भेजें, जहां तमाम प्रयासों के बाद भी गंदगी से मुक्ति नहीं मिल रही है। हम उसे प्रकाशित करेंगे।
'Quit Dirt Banda Quit' slogan- फोटो : BANDA