फोटो - 12 मंडलायुक्त अजीत कुमार को ज्ञापन देते भारत परिषद के लोग। संवाद
बांदा। प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) में तैनात सहायक अभियंता अजय कुमार पर करोड़ों रुपये के गबन का गंभीर आरोप लगाते हुए भारत परिषद (भ्रष्टाचार विरोधी इकाई) ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
भारत परिषद के जिलाध्यक्ष यशवंत सिंह राणा ने आरोप लगाया है कि सहायक अभियंता ने ठेकेदारों से मिलीभगत कर विभिन्न निर्माण कार्यों में वित्तीय अनियमितताएं कीं, जिससे सरकार को भारी आर्थिक क्षति हुई। ज्ञापन में कई अनुबंधों और वाउचर नंबरों का उल्लेख करते हुए करीब 99 लाख 76 हजार रुपये से अधिक की धनराशि के गबन का आरोप लगाया गया है।
यशवंत राणा ने आयुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री से मांग की है कि संबंधित अधिकारी के कार्यों की तकनीकी ऑडिट सेल (टीएसी), आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) तथा विजिलेंस से निष्पक्ष जांच कराई जाए। दोषी पाए जाने पर निलंबन या बर्खास्तगी सहित कठोर विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जाए।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि मामले की शिकायत पहले भी जनप्रतिनिधियों के माध्यम से की जा चुकी है लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो धरना-प्रदर्शन और आंदोलन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।