यूरिया न मिलने से उत्तेजित किसानों ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगा दिया। इसी दौरान तिंदवारी जा रहे खाद भरे तीन ट्रकों को घेर लिया। इनमें लदी करीब एक हजार बोरी खाद किसानों को बांटनी पड़ी। तब कहीं जाम खत्म हुआ।
दो माह से केंद्रों से बिना खाद बैरंग लौट किसानों ने शनिवार को मंडी समिति के सामने बांदा-टांडा फोरलेन हाईवे जाम कर दिया। वाहन निकालने की कोशिश में कई वाहन चालकों को किसानों के गुस्से का भी शिकार होना पड़ा।
इसी बीच तिंदवारी समितियों में खाद लेकर जा रहे तीन ट्रकों को किसानों ने घेर लिया। चालक-क्लीनर को जबरन नीचे उतार कर सड़क में धरना शुरू कर दिया। लगभग आधा घंटा बाद आई पुलिस ने समझाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं माने। खाद की कालाबाजारी का आरोप लगाया।
चेतावनी दी कि जब तक यहां लाइन लगाए किसानों को खाद नहीं मिल जाती ट्रकों को नहीं बढ़ने दिया जाएगा। ट्रक घिरने की सूचना पर ठेकेदार और समिति कर्मचारी आ गए। किसानों की जिद के आगे किसी की एक नहीं चली। तीनों ट्रक खाद वापस मंडी समिति केंद्रों में उतराकर किसानों को बांटी गई। तभी जाम खत्म हुआ।
सहकारी समिति सहायक निबंधक सुरेश कुमार ने किसानों को खाद मुहैया कराने का आश्वासन दिया। प्रदर्शनकारियों में करन सिंह (चटगन), लल्लू (पिपरगवां), महेंद्र (मूंगुस), मनप्यारे प्रजापति, मुल्लू (त्रिवेणी), भइयालाल साहू, शिवप्रसाद, वीरबल सिंह, अशोक तिवारी (महोखर), रामभजन (मौदहा) आदि शामिल रहे।