बांदा। शहर के पंजाब आर्मरी में डकैती की चर्चित घटना में आरोपी कार चालक की जमानत अर्जी अदालत ने खारिज कर दी। उधर, अतर्रा में क्षेत्राधिकारी के आवास पर चोरी करने वाले अभियुक्त की जमानत अर्जी भी अदालत से निरस्त हो गई। दोनों आरोपी जेलों में हैं।
शहर के स्टेशन रोड स्थित पंजाब आर्मरी (बंदूक की दुकान) में 14 दिसंबर 2017 की रात बदमाशों ने चौकीदार को बंधक बनाकर बेहद शातिर ढंग से दुकान से बड़ी संख्या में राइफल, बंदूक और हजारों कारतूस आदि लूटकर कार में रख लिए और रातोंरात महाराष्ट्र फरार हो गए। महाराष्ट्र में चांदापाड़ा (नासिक) पुलिस ने कार को पकड़कर सारे असलहे और कारतूस बरामद कर लिए और कार सवार तथा डकैती के मास्टर माइंड बदीउज्जमा उर्फ सुक्खा पाचा तथा नागेश और सलमान आदि को गिरफ्तार कर लिया। बाद में ये सभी नासिक जेल से बांदा लाए गए। अभी भी ये सभी बंद हैं।
डकैती में इस्तेमाल की गई कार (बोलेरो) के चालक नागेश ने मंगलवार को यहां विशेष न्यायाधीश (डकैती) की अदालत में अधिवक्ता के माध्यम से जमानत अर्जी दाखिल की। दोनों पक्षों की सुनवाई और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर विशेष न्यायाधीश रामकरन ने जमानत अर्जी खारिज कर दी।
उधर, अतर्रा में क्षेत्राधिकारी के सरकारी आवास से चोरी के चर्चित मामले के आरोपी साबिर पुत्र गुलफाम की जमानत अर्जी मंगलवार को अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम श्रीकृष्ण यादव ने जमानत का आधार न पाने पर खारिज कर दी। आरोपी साबिर गाजियाबाद जेल में है। वहां से उसे अदालत लाया गया था। वह हापुड़ जनपद का रहने वाला है। शासकीय अधिवक्ता सुशील तिवारी ने अभियोजन की ओर से पैरवी की और आरोपी का आपराधिक इतिहास बताया।