बांदा। देश में लगभग 7 करोड़ व्यापारी हैं, जो 28 करोड़ लोगों को काम दे रहे हैं। देश में आने वाले राजस्व में 35 फीसदी योगदान खुदरा व्यापारियों का है, लेकिन अब इन व्यापारियों का रोजगार घट रहा है। ऑनलाइन ट्रेडिंग (ई-व्यापार) ने खुदरा व्यापार को बुरी तरह नुकसान पहुंचाया है। देश में सिर्फ मोबाइल की ही 50 हजार दुकानें 6 माह में बंद हो चुकी हैं। यह बात राष्ट्रीय जन उद्योग व्यापार संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित गुप्ता ने गुरुवार को कही। वे संगठन की देशव्यापी ‘खुदरा व्यापार बचाओ रथ यात्रा’ में यहां आए थे।
तिंदवारी रोड स्थित शोरूम में रथयात्रा की अगवानी हुई। शहर भ्रमण में कई स्थानों पर व्यापारियों ने ई-व्यापार के विरोध में नारे लगाए और यात्रा पर फूल बरसाए। बलखंडी नाका स्थित मैरिज हाल में हुई सभा में राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि जब तक ऑनलाइन व्यापार पर पाबंदी नहीं लगेगी तब तक यह अभियान चलता रहेगा। संसद से सड़क तक लड़ाई लड़ी जाएगी।
संगठन की मांगों में बताया कि खुदरा व्यापारियों को 4 फीसदी दर पर बैंक ने एनपीए अकाउंट वाले व्यापारियों की कर्जमाफी, बढ़ी बिजली दरों की वापसी, खुदरा व्यापारियों को आयुष्मान भारत योजना का लाभ, पेंशन योजना, जीएसटी रिटर्न में देरी से पेनॉल्टी प्रावधान हटाने, मंडी टैक्स हटाकर जीएसटी में शामिल करने आदि मांगें शामिल हैं।
इस अवसर पर महामंत्री संदीप अग्रवाल गुड्डा सहित संगठन मंत्री सानू गुप्ता, महिला प्रदेश अध्यक्ष शालिनी सिंह, पप्पू शिवहरे, अशोक ओमर, अजय गुप्ता, प्रियांशू गुप्ता, विनोद द्विवेदी, संजीव सिंह, अनिल गुप्ता, रवि शिवहरे, आकाश साहू, जय कुमार टिंकू, राजेश गुप्ता, सत्यकेतु सिंह, राजू द्विवेदी, पंकज गुप्ता, आदर्श गुप्ता, उमेश सराफ, मुकेश गुप्ता, संजय गुप्ता, युवा गौरव, अनमोल गुप्ता और प्रशांत गुप्ता आदि शामिल रहे।