बांदा। बार और बेंच के बीच निरंतर सामंजस्य बना रहने से मुकदमों का निस्तारण समय से होता है। न्याय पाकर वादकारी भी राहत महसूस करते हैं। दोनों की ही कड़ी मजबूत होनी चाहिए। तभी बार और बेंच की व्यवस्था सुचारु रूप से चलती है। डीएम हीरालाल ने कहा कि न्याय करना सुनने में सरल है पर व्यवहार में बहुत कठिन।
ये बातें प्रभारी जनपद न्यायाधीश/एडीजी विजेंद्र कुमार सैलट ने गुरुवार को जिला अधिवक्ता संघ के शपथ ग्रहण समारोह में मुख्य अतिथि पद से बोलते हुए कही। राज्यसभा सांसद विशंभर प्रसाद निषाद ने कहा कि अधिवक्ता संघ अपनी समस्या उन तक पहुंचाए, वे यथासंभव मदद करेंगे।
सांसद निधि से भी मदद करेंगे। उन्होंने डॉ.आंबेडकर की प्रतिमा संघ परिसर में लगाने वाली पूर्व कमेटी को सराहा। डीएम हीरालाल ने कहा कि सभी का उद्देश्य न्याय के साथ खड़ा होना, न्याय दिलाना और न्याय करना है। उन्होंने कहा कि सुनने और बोलने में यह बड़ा सरल है, लेकिन है बहुत कठिन। अच्छा सोचेंगे तभी अच्छा करेंगे। अच्छी नीयत से किए काम में सफलता मिलती है।
एल्डर्स कमेटी अध्यक्ष मनमोहन सिंह ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को शपथ दिलाई। नए अध्यक्ष अवधेश कुमार गुप्ता ने अधिवक्ताओं का आभार जताया और कहा कि जो जिम्मेदारी सौंपी है उसे पूरी जिम्मेदारी से पूरा करने की भरपूर कोशिश करेंगे। कहा कि अधिवक्ताओं ने जाति, धर्म से ऊपर उठकर मतदान किया है।
महासचिव कैलाश सिंह गौतम ने कहा कि सत्य की शपथ ली है। इसे पूरी तरह निभाएंगे। पूर्व अध्यक्ष शंकर सिंह गौतम ने ज्यूडीशियली की मौजूदा व्यवस्था में सुधार की जरूरत बताई। शिवपूजन सिंह पटेल, राकेश सिन्हा, मिर्जा यावर हुसैन, पूर्व अध्यक्ष अशोक त्रिपाठी जीतू, आनंद सिन्हा, बाबूलाल कुशवाहा, हरिभजन गुप्त, रामदयाल कुरील आदि ने भी संबोधित किया। ब्रजराज सिंह परिहार, अशोक दीक्षित, भूपत यादव, अवधेश कबीर सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे।