व्यापमं घोटाले में मध्य प्रदेश की एसआईटी ने यहां के एक सरकारी डाक्टर को उठा लिया है। ग्वालियर से आई स्पेशल इनवेस्टीगेशन टीम ने शनिवार को शाम तिंदवारी कस्बे में एक कंपाउंडर के आवास पर मौजूद सीएचसी के डा. कपिल देव राजपूत को पकड़ लिया और जीप से अपने साथ ले गई।
डा. राजपूत की तैनाती इस समय बबेरू सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में है। बता दें कि इस मामले में पांच दिन पूर्व 22 जून को एसआईटी ने ग्वालियर से बांदा निवासी डा. सौरभ गुप्ता को गिरफ्तार किया था।
व्यवसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) घोटाले में शामिल लोगों की मध्य प्रदेश की एसआईटी धरपकड़ कर रही है। 21 मई को एसआईटी टीम ने यहां के पूर्व सांसद आरके सिंह पटेल के कर्वी (चित्रकूट) स्थित बलदाऊगंज आवास से उनके पुत्र डा. सुधीर पटेल को उठाने की कोशिश की, लेकिन सादे कपड़ों में आई टीम सदस्यों को आसपास के लोगों और कुछ देर बाद आ गए पूर्व सांसद ने घेर लिया। अंतत: विरोध के चलते एसआईटी टीम को पूर्व सांसद के पुत्र को छोड़ना पड़ा। अलबत्ता उसे एक नोटिस थमा दिया गया।
शनिवार (27 जून) को एसआईटी टीम ने तिंदवारी में धावा बोला। तिंदवारी प्रतिनिधि के मुताबिक यहां प्राथमिक स्वास्थ्य केेंद्र में डा. कपिल देव राजपूत ने 5 मार्च 2014 को ज्वाइन किया था। इसी वर्ष 31 मार्च को उनका तबादला बबेरू सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कर दिया गया।
बबेरू प्रतिनिधि के मुताबिक डा. राजपूत ने 15 मई को बबेरू आकर सीएचसी में ज्वाइन किया और वापस लौट गए। उसके बाद आज तक ड्यूटी पर नहीं आए। वह पत्नी के साथ बांदा में रहते हैं। शनिवार को वह अपने किसी सरकारी काम के सिलसिले में तिंदवारी आए थे।
वहां वह पीएचसी के कंपाउंडर रामदीन यादव के सरकारी आवास पर बैठे कुछ काम निपटा रहे थे कि एसआईटी ने उन्हें दबोच लिया और साथ ले गई। एसआईटी ने बाद में तिंदवारी थाने को सूचना दी। बबेरू प्रतिनिधि के मुताबिक एसआईटी ने इस कार्रवाई की भनक क्षेत्रीय पुलिस को लगने नहीं दी।
रात करीब 11 बजे अपर पुलिस अधीक्षक आशुतोष शुक्ल से इस बारे में जानकारी चाही गई तो उन्होंने अनभिज्ञता जताई। कुछ ही देर बाद तिंदवारी थाने से मिली सूचना का हवाला देकर उन्होंने डा. राजपूत को एसआईटी द्वारा उठा लेने की पुष्टि की। उधर, जिले के अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. ओपी माहौर ने भी देर रात तक डा. राजपूत के पकड़े जाने की जानकारी न होने की बात कही।
चकमा देकर पकड़ती है एसआईटी टीम
पूर्व सांसद आरके सिंह पटेल के पुत्र डा. सुशील और बबेरू सीएचसी के डा. कपिल देव राजपूत को दबोचने में एसआईटी ने एक जैसा तरीका अपनाया। पूर्व सांसद के पुत्र को पकड़ने गई एसआईटी सदस्य सादे कपड़ों मेें थे। उनके आवास से कुछ दूर बोलेरो खड़ी कर दी।
टीम का एक सदस्य पूर्व सांसद के घर पहुंचा और उनके पुत्र से कहा कि वाहन में एक बुजुर्ग बैठे हैं जो आपके बड़े भाई के रिश्ते के लिए बात करना चाहते हैं। सुशील जैसी ही बोलेरो के पास पहुंचे, उस पर सवार लोगों ने उन्हें जकड़ लिया और जबरन जीप में बैठा लिया।
बाद में विरोध और घेराव के चलते छोड़ना पड़ा। इसी तरह शनिवार को डा. कपिल देव राजपूत तिंदवारी मेें कंपाउंडर के आवास पर बैठे थे। अपने वाहन से पहुंची एसआईटी टीम ने वाहन दूर खड़ा कर दिया। टीम का एक सदस्य रामदीन के क्वार्टर पहुंचा और उससे कहा कि उसे डा. राजपूत से मिलना है।
कंपाउंडर ने बता दिया कि यही हैं डा. राजपूत। इसके बाद उक्त सदस्य ने मोबाइल फोन से कॉल करके वाहन पर बैठे अन्य सदस्यों को बुला लिया और डा. राजपूत को उठा ले गए।