संपूर्ण समाधान दिवस में एक ही समस्या लेकर बार-बार फरियादियों के आने पर डीएम हीरा लाल ने सख्त नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को खबरदार किया है कि समस्याओं के निस्तारण में हीलाहवाली हरगिज बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डीएम ने पिछले पांच महीनों में आई शिकायतों का पूरा ब्योरा तलब किया है।
नरैनी में समाधान दिवस में सुनवाई करते हुए डीएम ने कई मामलों में जांच के आदेश दिए। फरियादी को उसी समय लेखपाल से खतौनी जारी करवाई। पुलिस अधीक्षक गणेश साहा ने क्षेत्राधिकारी और थाना प्रभारियों से कहा कि पुलिस से संबंधित जो भी शिकायतें या समस्याएं आती हैं उन्हें गंभीरता से लेकर समय से निस्तारित करें।
राजस्व वादों से संबंधित मामलों पर राजस्व अधिकारी के साथ पुलिस अधिकारी मौके पर जाएं। समाधान दिवस में मां-बेटी के बीच मकान को लेकर चल रहा विवाद भी पेश हुआ।
यहां सीडीओ हरिश्चंद्र वर्मा, पीडी आरपी मिश्रा, सीएमओ डा. संतोष कुमार, डीएफओ संजय अग्रवाल, बीएसए हरिश्चंद्रनाथ, कृषि अधिकारी प्रमोद कुमार, तहसीलदार रामकुमार, बीडीओ मनोज सिंह, इंसपेक्टर दुर्ग विजय सिंह आदि शामिल हैं।
उधर, बांदा सदर तहसील में उप जिलाधिकारी संदीप कुमार की अध्यक्षता में समाधान दिवस आयोजित हुआ। यहां कुल 98 मामले आए। इनमें सिर्फ नौ का ही मौके पर निस्तारण हो सका।
तहसीलदार अवधेश कुमार निगम ने बताया कि सबसे ज्यादा 33 प्रकरण राजस्व विभाग के थे। विकास संबंधी 12 और पुलिस, बिजली, जल संस्थान के 10-10 प्रकरण आए।
उधर, बबेरू में एडीएम संतोष बहादुर सिंह ने शिकायतें सुनीं। पांच शिकायतों का मौके पर निस्तारण किया गया। तहसीलदार विपिन कुमार, उप मुख्य चिकित्साधिकारी लाखन सिंह, नायब तहसीलदार जितेंद्र सिंह, खंड शिक्षाधिकारी कैलाश सिंह, राजीव प्रताप सिंह, एडीओ (पंचायत) सूरजपाल, कमलेश सिंह आदि मौजूद रहे।