फोटो- 32 जिला अस्पताल में इलाज के लिए आया बंदी विजय। संवाद
बांदा। साथी बंदियों की प्रताड़ना और शिकायत के बाद भी सुनवाई न होने पर पेशी पर आए बंदी ने पानी के साथ कांच पी लिया। अचानक तबीयत बिगड़ने पर पुलिस के हाथ पांव फूल गए। पुलिस सुरक्षा के बीच उसे जिला अस्पताल पहुंचाया गया। जहां उसका इलाज हो रहा है। फिलहाल डॉक्टर हालत में सुधार बता रहे हैं।
अतर्रा कोतवाली क्षेत्र के गोखिया गांव निवासी बंदी विजय (37) ने जिला अस्पताल में बताया कि वह 2023 में महोबा जेल की बैरक नंबर सात में दुष्कर्म के आरोप में बंद है। आरोप है कि उसी बैरक में मौजूद सात अन्य कैदी उसे प्रताड़ित करते हैं। उसने इस संबंध में जेल प्रशासन से शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। कैदियों की प्रताड़ना और शिकायत पर सुनवाई न होने से ऊबकर उसने पेशी पर आने से पहले ही जेल में रखे पिसे हुए कांच को पानी के साथ पी लिया था। पेशी के समय कांच का असर बढ़ने पर उसकी तबीयत बिगड़ी है। सीओ अतर्रा प्रवीणकुमार यादव ने बताया कि महोबा जेल में निरुद्ध बंदी को पेशी के लिए अर्तरा कोर्ट लाया गया था। यहां उसकी हालत बिगड़ी उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। किन्हीं कारणों से क्षुब्ध होकर कांच पी लिया था।
वरिष्ठ ईएमओ ट्रामा सेंटर के डॉ. पीके गुप्ता ने बताया कि हालत में सुधार है। इलाज जारी है।