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मंडल कारागार में बंदी ने की आत्महत्या की कोशिश, पत्नी को भी मारी ब्लेड

Thu, 03 Sep 2015 12:12 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
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मंडल कारागार में मिलाई के समय बंदी ने ब्लेड से खुद के गले की नस काट कर जान देेने की कोशिश की। पत्नी ने रोका तो उसकी गर्दन पर भी ब्लेड से वार कर दिया। घटना के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। आननफानन दोनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां बंदी की हालत गंभीर बनी हुई है। जेलर ने बंदी और उसकी पत्नी के खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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कांशीराम कालोनी (हरदौली) निवासी निसरत (26) बुधवार को दोपहर जेल में अपने पति राशिद से मिलाई करने गई थी। उसके साथ दोनों बच्चे सुहेल (6) व हसनैन (3) भी थे। इसी बीच पति-पत्नी के बीच नोकझोंक हो गई। राशिद ने पत्नी पर ब्लेड से हमला करना चाहा तो पत्नी ने उसका हाथ पकड़ लिया।

इस पर राशिद ने उसे गिरा दिया और गले में ब्लेड मार दी। इसके बाद खुद के गले में भी ब्लेड मारकर नस काट ली। दोनों खून से लथपथ हो गए। बच्चे भी खून से सन गए। घटना के बाद जेल में हड़कंप मच गया। जेलर एससी त्रिपाठी, डिप्टी जेलर राम सिंह परिहार व बंदी रक्षक दोनों को एंबुलेंस से जिला अस्पताल लाए।
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राशिद की हालत गंभीर है। जेल अधीक्षक एचबी सिंह ने बताया कि राशिद मंडल कारागार में 16 जून से बंद है। उस पर चोरी, गैंगेस्टर, आर्म्स एक्ट समेत 22 मुकदमे दर्ज हैं। पत्नी निसरत का कहना था कि मिलाई के दौरान उसने खाने-पीने का सामान दिया।

जमानत न होने से तनाव बताकर पति ने खुद को ब्लेड मारने की कोशिश की। रोकने पर उसे भी ब्लेड मार दी। उधर, अस्पताल में राशिद की मां और निसरत के मायके वालों के बीच आरोप-प्रत्यारोप लगाकर नोकझोंक होती रही। वहां मौजूद अन्य लोगों ने दोनों को शांत किया। जेल अधीक्षक ने बताया कि राशिद व निसरत के विरुद्ध जेलर एससी त्रिपाठी ने कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई है।

जेल में ब्लेड कैंसे पहुंची
मंडल कारागार में बंदी के पास ब्लेड कैसे पहुंची ? उसके परिजन जेल अधिकारियों से यही सवाल पूछ रहे हैं। निसरत का पिता हसरत अली (गूलरनाका) जिला अस्पताल में चिल्ला-चिल्ला कर कह रहा था कि जेल अधीक्षक बताएं जेल में राशिद को ब्लेड कहां से मिली ? उधर, जेल अधीक्षक एचबी सिंह का कहना है कि मिलाई को गई निसरत ब्लेड छिपाकर ले गई थी। मुलाकात के दौरान महिला ने राशिद पर ब्लेड से हमला कर दिया। बंदी रक्षकों ने बीच-बचाव कर राशिद की जान बचाई।

अधिकारी पत्नी मानने को तैयार नहीं
जेल अधिकारी निसरत को राशिद की पत्नी नहीं मान रहे। जेल अधीक्षक का कहना है कि निसरत राशिद के भाई की पत्नी है। उधर, निसरत और उसकी मां अन्नी ने जिला अस्पताल में बताया कि निसरत की शादी नौ साल पहले राशिद के बड़े भाई सईद के साथ हुई थी। सईद किसी मामले में शादी के बाद से ही जेल में है। मानसिक स्थिति खराब होने पर 23 माह बाद निसरत का निकाह राशिद से कर दिया था। निसरत के दोनों बच्चे सुहैल व हसनैन राशिद के ही हैं।

एक सप्ताह में चौथी घटना, मुश्किलें और बढ़ीं
एक सप्ताह से मंडल कारागार में चौथी घटना से अधिकारी व कर्मचारी परेशान हैं। 26 अगस्त को तड़के विचाराधीन बंदी मातादीन (नंदवारा) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम के बाद भी हत्या अथवा आत्महत्या की गुत्थी नहीं सुलझी।

28 अगस्त को चित्रकूट जनपद के कहेटामाफी (पहाड़ी) गांव निवासी विचाराधीन बंदी रावेंद्र सिंह (55) पुत्र राजेंद्र सिंह के सीने में दर्द होने पर जिला अस्पताल लाया गया था। कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई थी। अगले दिन 29 अगस्त को इलाहाबाद जिले के छोटा चाका गांव निवासी शकील उर्फ रानू (28) पुत्र जिलेदार को एक पैर सुन्न होने की शिकायत पर जिला अस्पताल लाया गया था।

लकवा मारने की संभावना पर उसी दिन उसे कानपुर रेफर कर दिया गया। हैलट (कानपुर) में पुलिस कर्मी को धक्का देकर शकील फरार हो गया। अब ताजी घटना ने अधिकारियों की मुश्किलें और बढ़ी दीं।

जेल अधिकारियों पर एफआईआर की मांग
मंडल कारागार में हत्या के मामले में बंदी मातादीन की मौत पर पुत्र नंद कुमार ने सीएम को पत्र भेजकर जेल अधिकारियों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई और आर्थिक सहायता की मांग की है। कहा है कि उससे जेलर तीन हजार रुपये मांग रहे थे। रुपये न मिलने पर मारते-पीटते थे।

साजिश के तहत भाई से अलग कर दूसरी बैरक में रखा गया और हत्या कर दी गई। डीएम-एसपी सही जांच नहीं करा रहे। उधर, जेलर एससी त्रिपाठी का कहना है कि जांच में प्रशासनिक व न्यायिक अधिकारियों के सामने मृतक के परिजन अपनी बात कह सकते हैं।
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