बांदा। शहर कोतवाली क्षेत्र के तिंदवारा गांव में लाठी से वारकर की गई 68 वर्षीय पुजारी सच्चिदानंद महाराज की हत्या के मामले की गुत्थी अब सुलझने के कगार पर आ गई है। मामले में चौंकाने वाला खुलासा हो सकता है। शिष्या, उसके मामा और प्रेमी से हुई पूछताछ में अहम सुराग हाथ न लगने पर पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए बीटीएस (बेस ट्रांसीवर स्टेशन ) का डाटा जुटाया और संदिग्ध नंबरों की पड़ताल की। जिससे कुछ अहम सुराग हाथ लगे हैं। हालांकि पुलिस अभी और साक्ष्य जुटाने की कवायद कर रही है।
तिंदवारा गांव के मंदिर में सोते समय की गई पुजारी महाराज की हत्या में पहले दिन से ही पुलिस उनकी शिष्या को संदिग्ध मानकर जांच कर रही थी। पुलिस ने शक के आधार पर शिष्या के मामा व उसके पूर्व प्रेमी को ट्रेस किया था। हालांकि वारदात के पहले शिष्या का मामा की लोकेशन रात 10 बजे तक मंदिर में जाने की पाई गई थी। उसके बाद मामा अपने बच्चे को दिखाने के लिए जिला अस्पताल पहुंचा था। इससे मामा की हत्या में भूमिका नहीं मिली।
इसी तरह से पूर्व प्रेमी के मोबाइल नंबर की सीडीआर में दो साल से शिष्या से कोई संपर्क नहीं मिला था। इस पर इन दोनों की भूमिका न मिलने पर पुलिस ने अपनी जांच का दायरा बढ़ाते हुए मोबाइल नेटवर्क के टावर का डाटा निकाला था। इसमें संदिग्ध नंबरों की तलाश की गई। एक नंबर संदिग्ध मिला। जिसका मूवमेंट ट्रैक करने पर उसके मंदिर में आने जाने के सुराग मिले।
पुलिस ने उस संदिग्ध को हिरासत में लेकर पूछताछ। पुलिस सूत्रों के मुताबिक उठाया गया संदिग्ध गांव में निर्माणाधीन संपर्क मार्ग पर काम करने वाला एक मजदूर है। उसकी लोकेशन भी मंदिर के आसपास मिली है। वह बार-बार बयान बदल रहा है। खास बात यह है कि हत्या के बाद वह दो दिन ड्यूटी से गैरहाजिर भी रहा है। पुलिस अन्य बिंदुओं पर भी पूछताछ कर रही है।
हत्याकांड में जांच का दायरा बढ़ाने से खुलासे की ओर कदम बढ़ रहे हैं। बीटीएस जांच में एक संदिग्ध मिला है। उससे पूछताछ की जा रही है। जल्द खुलासे की उम्मीद है।
पलाश बंसल
पुलिस अधीक्षक, बांदा।