फोटो-11 : मूर्ति कला केंद्र में देवी प्रतिमा को अंतिम रूप देते मूर्तिकार सुरेंद्र। संवाद
अतर्रा। शारदीय नवरात्र को लेकर कस्बे में तैयारियां शुरू हो गई हैं। जगह-जगह पंडाल लगाने का कार्य शुरू हो गया है। मूर्ति कला केंद्र के मूर्तिकार देवी प्रतिमाओं के निर्माण को अंतिम रूप दे रहे हैं।
आगामी 22 सितंबर से शारदीय नवरात्र शुरू होंगे। इसको लेकर भक्तों में उत्साह चरम पर है। लोगों ने पूजा-पाठ को लेकर घरों पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। देवी प्रतिमाओं की स्थापना के लिए विभिन्न नवदुर्गा कमेटियों ने पंडाल लगाना प्रारंभ कर दिए हैं। देवी प्रतिमाओं को सजाने संवारने का कार्य अंतिम चरण पर चल रहा है। बांदा रोड स्थित मूर्ति कला केंद्र के मूर्तिकार दिन-रात देवी प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में लगे हैं।
केंद्र संचालक सुरेंद्र कुशवाहा ने बताया कि पिछले 20 वर्षों से प्रतिमा निर्माण कर रहे हैं। नवरात्र से लगभग तीन महीने पहले से ही प्रतिमाओं के निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो जाती है। प्रतिमाएं बनाने में चाक मिट्टी, प्लास्टर ऑफ पेरिस (जिप्सम), कपड़ा, लकड़ी, बांस, नारियल का जूट, घास, रंग-गेरू और प्राकृतिक रंगों का इस्तेमाल किया जाता है। प्रतिमाओं की ऊंचाई तीन से लेकर साढ़े आठ फीट तक रखी जाती है।
सुरेंद्र कुशवाहा के साथ उनके सहयोगी ललित कुशवाहा, अरविंद और दादू भी लगातार मेहनत कर प्रतिमाओं को आकर्षक रूप देने में जुटे हैं। जैसे-जैसे नवरात्र करीब आ रहे हैं, मूर्ति कला केंद्र में काम की रफ्तार और तेज हो गई है। इसी के साथ कस्बे में जगह-जगह पंडालों के लिए प्रतिमाओं की बुकिंग पहले से ही हो चुकी है।
फोटो-11 : मूर्ति कला केंद्र में देवी प्रतिमा को अंतिम रूप देते मूर्तिकार सुरेंद्र। संवाद