फोटो - 07 शहर स्थित कृषि कार्यालय का दफ्तर। संवाद
- किसान की शिकायत के बाद ऐसे प्रकरणों की जांच शुरू, बैंक मैनेजर ने कहा कि बेवसाइट में नहीं हो पाई थी इंट्री
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। प्रधानमंत्री फसल बीमा में किसान के क्रेडिट कार्ड से बैंक ने प्रीमियम तो काट लिया लेकिन बीमा कंपनी की बेवसाइट पर इंट्री नहीं की गई। अलबत्ता किसान का बीमा हुआ ही नहीं। शिकायत के बाद एलडीएम ने सभी बैंकों से ऐसे प्रकरणों की रिपोर्ट मांगी है। उधर, बीमा कंपनी व बैक के अधिकारी किसान को मनाने में जुट गए हैं।
जिले में 1,27,556 किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) धारक किसान हैं। जिसमें 1,05,551 किसानों ने खरीफ में प्रधानमंत्री फसल बीमा कराया है। आपदा के समय उनके फसल नुकसान की भरपाई हो सके। बडोखर खुर्द के किसान सीमाराम ने बताया कि उनका आर्यावर्त बैंक बडोखर शाखा से केसीसी बना है।
बैंक ने प्रधानमंत्री फसल बीमा के नाम पर प्रीमियम तो काट लिया लेकिन बैंक ने यूनिवर्सल सैंपो जनरल इंश्योरेंस कंपनी की बेवसाइट में उसकी इंट्री नहीं की। जिससे किसान का बीमा फेल हो गया। इसकी शिकायत किसान ने उच्चाधिकारियों से की तो बीमा कंपनी व बैंक के अधिकारियों के पैरों तले से जमीन खिसक गई।
अग्रणी बैंक प्रबंधक ने बैंक अधिकारियों से ऐसे प्रकरणों की रिपोर्ट तलब की है। बडोखर शाखा आर्यावत बैंक के तत्कालीन मैनेजर रवि कुमार का कहना है कि बैंक के 535 केसीसी धारक हैं। जिसमें 524 किसानों की सहमति पर प्रधानमंत्री फसल बीमा करने के लिए खातों से डेबिट किया गया।
जिसमें 523 किसानों की बीमा कंपनी की बेवसाइट पर किसानों की इंट्री हो गई। एक किसान सीमाराम की किन्हीं कारणों से इंट्री नहीं हो पाई और बीमा फेल हो गया। इसमें उनका व बैंक का कोई दोष नहीं है। बीमा कंपनी के जिला नोडल विनीत कुमार का कहना है कि किसान का यदि बीमा फेल हो गया था तो बैंक को इसकी जानकारी किसान को देना चाहिए।
बैंक ने इसकी जानकारी किसान को नहीं दी। मौजूदा बैंक मैनेजर अतुल का कहना है कि यह प्रकरण स्थानांतरित बैंक मैनेजर रवि के समय का है। जांच कराई जाएगी।