नमाजियों को संबोधित करते हाफिज अनस।
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रमजान माह के चौथे जुमा पर शुक्रवार को यहां शहर की नवाबी जामा मस्जिद सहित कई मस्जिदों में जुमातुल विदा की नमाज अदा की गई। बड़ी तादाद में मुस्लिमों ने बजमात नमाज अदा की। ईद का चंाद रमजान माह की 29 (14 जून) को नजर नहीं आया तो 15 जून को भी अंतिम जुमा पर अलविदा की नमाज होगी।
शुक्रवार को शहर की नवाबी जामा मस्जिद में अलविदा की नमाज के खास इंतजाम किए गए थे। पूरे मस्जिद परिसर में पंडाल लगाए गए। निर्धारित समय दोपहर एक बजे सामूहिक रूप से नमाज अदा की गई। मस्जिद की मुख्य इमारत, सेहन और मुख्य गेट तक नमाजियों की खचा-खच सफें (पंक्तियां) लगीं। इसके अलावा मस्जिद के मुख्य गेट के बाहर भी लगाए गए पंडाल में नमाजियों की सफ लगी। मदरसा जामा अरबिया, हथौरा के हाफिज मौलाना अनस अहमद ने इमामत करते हुए नमाज अदा कराई।
नमाज के बाद दुआ में मुल्क की तरक्की, अमन और सलामती की भी दुआ हुई। मस्जिद के बाहर सुरक्षा और शांति व्यवस्था के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। सिटी मजिस्ट्रेट रमेशचंद्र तिवारी, पुलिस क्षेत्राधिकारी राघवेंद्र सिंह व ओमप्रकाश, कोतवाली इंसपेक्टर श्रीनिवास यादव सहित कई सब इंसपेक्टर और पुलिस व महिला कांस्टेबल तैनात रहीं। ट्रैफिक पुलिस ने यातायात व्यवस्था संभाली। खुफिया एजेंसी आईबी व एलआईयू के नुमाइंदे भी मौजूद रहे। मुतवल्ली शेख सादी जमा ने व्यवस्थाओं के लिए प्रशासन और पुलिस का आभार जताया। उधर, कोतवाली रोड पर स्थित मरकज की मस्जिद में भी रमजान के चौथे जुमा पर अलविदा की नमाज अदा की गई।
अलविदा को लेकर अभी संस्पेंस बरकरार है। अगर रमजान माह की 29वीं तारीख (14 जून) को ईद का चांद नजर नहीं आया तो 15 जून को 30वें रोजे पर पड़ने वाले जुमा में अलविदा की नमाज होगी। शहर और गांव की तमाम मस्जिदों में 5 जून को ही अलविदा की नमाज अदा करने की तैयारी है।