बांदा। ‘प्रेम ही जीवन का सार है। यह संसार के सभी संबंधों को जीवंत रखने की एक कड़ी है। बिना प्रेम जीवन शुष्क और जड़वत हो जाएगा। उक्त बातें भिड़ौरा से आए कथा व्यास रामाशीष शुक्ला ने शनिवार को श्रीमद् भागवत कथा में कहीं।
अयोध्यावासी वैश्य मंदिर, छोटी बाजार में चल रही कथा में उन्होंने कहा कि प्रेम ही जीव को परम पिता परमात्मा से मिलाने का साधन है। मीरा ने निश्छल प्रेम किया तो भगवान को पा लिया। प्रह्लाद व ध्रुव ने अपने अंदर प्रेम का जुनून पैदा किया।
उन्हें भगवान मिले। इसी तरह इंसान भी जुनून बना ले तो भगवान मिलना दुर्लभ नहीं है। यजमान सुरेश गुप्ता व लक्ष्मी प्रसाद गुप्ता रहे। संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा में राजनारायण तिवारी, संजय शुक्ल व अश्वनी ने संगीत में साथ दिया।
रविवार को सुदामा चरित्र कथा होगी। राजकुमार गुप्ता, अशोक कुमार गुप्ता, अरुण गुप्ता, विजय कुमार गुप्ता, रामचंद्र, बउवा, आशुतोष, सुनील, सुरेश, किशनबाबू,श्यामलाल, कमल, अखिलेश, अमित, पंकज,रमेशचंद्र, जीतेंद्र, हरीकृष्ण आदि मौजूद रहे।