पैलानी। करीब एक सप्ताह पूर्व जन्म लेने वाले तीन नवजात शिशु गरीबी की मार नहीं झेल सके। मां के शरीर में खून की कमी से शिशु पैदा होने के साथ ही अस्वस्थ थे। पिता ने बेटियों के इलाज के लिए लोगों से मदद की गुहार भी लगाई। लेकिन वह अपनी बेटियों को बचा नहीं सका। शनिवार को तीनों की मौत हो गई।
अमलोर गांव निवासी कामता उर्फ गेंदा की पत्नी रोशनी ने बीती 31 मार्च को रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में एक साथ तीन पुत्रियों को जन्म दिया था। गरीबी से जूझ रहे पिता की आंखों में जहां बेटियों के जन्म की खुशी थी, वहीं उसके माथे में उनके भरण-पोषण के लिए चिंता भी थी। गेंदा ने अपनी पुत्रियों का नाम गंगा, जमुना और सरस्वती रखा था। लेकिन एक सप्ताह में ही बेटियां उसका साथ छोड़ गईं। पिता ने बताया कि प्रसव के समय पत्नी के शरीर में खून की भारी कमी थी।
इससे जन्मी बेटियों का वजन व स्वास्थ्य भी बिगड़ा था। कहा कि कई लोगों से मदद की मांग की, लेकिन समय से मदद नहीं मिल सकी और बेटियां साथ छोड़ गईं। बताया कि शनिवार की दोपहर दो नवजातों ने एक साथ दम तोड़ दिया, जबकि तीसरी शाम होते ही दुनिया छोड़ गई। वहीं घटना से गांव में शोक व्याप्त है।
-
घटना की जानकारी मिली है। राजस्व कर्मी को भेजकर जांच कराई जाएगी। जांच में मानक अनुरूप मिलने पर पीड़ित को आर्थिक मदद दिलाई जाएगी।
अंकित वर्मा, एसडीएम पैलानी।
मां को भेजा मेडिकल कॉलेज, परिवार की मदद का आश्वासन
पैलानी। अमलोर गांव के कामता उर्फ गेंदा सिंह ने अपनी तीन नवजात बच्चियों के निधन की सूचना एसडीएम को दी थी। इसके बाद एसडीएम पीड़ित परिवार से मिलने उनके घर पहुंचे। बच्चियों की मां रोशनी जिनका हीमोग्लोबिन पांच से कम था, को तत्काल एंबुलेंस के माध्यम से मेडिकल कॉलेज भेजा गया। रोशनी की देखभाल के लिए तहसीलदार वेदप्रकाश और लेखपाल निर्देश दिए गए। इसके साथ ही एसडीएम ने परिवार को अंत्योदय कार्ड व आर्थिक मदद का भरोसा दिलाया है।