बांदा। विश्व रिकॉर्ड बनाने के लिए सोमवार को प्रदेशव्यापी पौधरोपण अभियान में चित्रकूटधाम मंडल में भी होड़ रही। अफसर से लेकर नेताओं, कर्मचारियों, मजदूरों और स्कूली बच्चों तक ने जगह-जगह पौधे लगाए। मंडल के चारों जिलों मेें 53 लाख 94 हजार 147 पौधे लगाने का लक्ष्य था लेकिन इससे ज्यादा पौधे लगाने का दावा किया जा रहा है। अभियान मंगलवार को सुबह 10 बजे खत्म होगा।
सोमवार को सुबह से ही पौधे लगाने की धूम रही। मंडल मुख्यालय बांदा में इसकी शुरुआत कमिश्नर एल वेंकटेश्वर लू ने खुद फावड़ा चलाकर की। डीएम योगेश कुमार, एसपी राजेंद्र प्रसाद पांडेय और जिले के कई वरिष्ठ अधिकारी, वन विभाग के वन संरक्षक केएल मीना तथा डीएफओ प्रमोद कुमार गुप्ता भी मौजूद रहे। अन्य अधिकारियों को अलग-अलग स्थानों पर पौध रोपने का लक्ष्य दिया गया था।
सपा सांसद विशंभर प्रसाद निषाद और जिलाध्यक्ष शमीम बांदवी सहित सपा नेताओं का जत्था भी शरीक रहा। कई अधिकारी पत्नी और परिवार लेकर पौधे लगाने में जुटे रहे। आयुक्त की पत्नी फणि लू ने भी पौधे रोपे। एसडीएम सदर प्रहलाद सिंह ने पूरे परिवार के साथ पौधे लगाए। डीएम योगेश कुमार ने बताया कि बांदा जिले में 72 स्थलों पर 5,28,250 पौधे रोपे जा रहे हैं। केपीएमजी अहमदाबाद से आए सागर शर्मा भी उपस्थित रहे।
सीडीओ आरके सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट आरके श्रीवास्तव, सीएमओ डॉ.जीएस वाजपेई, उप निदेशक डॉ. एसएन त्रिपाठी, बीएसए एसएन सिंह, बीडीओ आरडी यादव, प्रभागीय वनाधिकारी केएन सिंह ने भी पौधे लगाए। जिला पंचायत पूर्व अध्यक्ष शकील अली, सपा उपाध्यक्ष अशोक सिंह गौर, महासचिव राजेंद्र यादव, मनोज निगम लाला भी शरीक हुए।
उधर, विश्व जनसंख्या दिवस पर तिंदवारी क्षेत्र के कांग्रेस विधायक दलजीत सिंह ने पपरेंदा-तिंदवारी मार्ग पर पौध लगाए। उन्होंने लोगों से पर्यावरण की रक्षा के लिए कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी सुरक्षा का अनुरोध किया।
वनाधिकारी नौशाद अहमद सिद्दीकी, रामबहादुर सिंह, राजेश सिंह चौहान व विधायक के मीडिया प्रभारी केशव पाल भी मौजूद रहे। उधर, भूरागढ़ किला विकास समिति अध्यक्ष देवी दयाल सिंह ने भूरागढ़ किले में पौधे लगाए।
कालिंजर प्रतिनिधि के मुताबिक बहादुरपुर और गड्डिहा गांव में पौध रोपण हुआ। बीडीओ रामकिशुन, प्रधान हरिश्चंद्र यादव, वन रक्षक बाबूलाल शामिल रहे। यहां 2500 पौध रोपण का लक्ष्य था।
एक पौधे पर साढ़े छह रुपये खर्च
बांदा। 24 घंटे के पौधरोपण अभियान में चित्रकूटधाम मंडल में साढ़े तीन करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं। कुल 93.94 लाख पौधे लगाए जा रहे हैं। यानी एक पेड़ पर लगभग साढ़े छह रुपये खर्च आ रहा है। प्रभागीय वनाधिकारी प्रमोद कुमार गुप्ता का कहना है कि गड्ढे खोदने से लेकर पेड़ लगाने का खर्च शामिल है। मनरेगा से भी पौधे लगाए जा रहे हैं।
हर किलोमीटर पर 251 पेड़
बांदा। पौधरोपण पर हर वर्ष करोड़ों रुपये खर्च किया जा रहा है। पिछले चार साल में सिर्फ बांदा में लगभग 12 लाख पौधे लगाए गए। इन पर 3.91 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च बताए गए हैं। पिछले वर्ष चित्रकूटधाम मंडल में 50 एकड़ जमीन में 43 लाख 75 हजार पौधे लगाए गए थे। बांदा 20.80 लाख, चित्रकूट में 14.54 लाख, हमीरपुर में 60.63 लाख और महोबा में 60.70 लाख पौधे लगाए थे।
उधर, आरटीआई के तहत स्वयंसेवी आशीष सागर को मिली सूचना में बताया गया है कि बांदा जिले में पिछले चार साल में डीआरडीए और मनरेगा के बजट से वन विभाग ने 11 लाख 20 हजार 730 पौधे लगाए। बांदा जिले का कुल क्षेत्रफल 4460 वर्ग किलोमीटर है।
यानी प्रति वर्ग किलोमीटर 251 पौधे लगाए गए हैं। पौधों की यह संख्या वास्तव में तैयार हो जाती तो पूरा जिला हरियाली से सराबोर हो जाता। इन पौधों के रोपण पर तीन करोड़ 91 लाख 46 हजार रुपये खर्च बताए गए हैं, यानी एक पौधे पर 34.92 रुपये खर्च हुए। आरटीआई एक्टिविस्ट आशीष सागर का कहना है कि सरकारी महकमों समेत हरियाली के ठेकेदारों के लिए चटियल बुंदेलखंड चारागाह बना है।