अतर्रा। हिंदू कॉलेज की जनसभा में भाजपा के साथ-साथ पुलिस भी अखिलेश यादव के निशाने पर रही। कभी पुलिस की चुटकी ली तो कभी भाजपा से दूरी बनाने के लिए चेताया भी। दरअसल जब एक कार्यकर्ता मंच की ओर बढ़ रहा था तो वहां तैनात एक पुलिस कर्मी ने रोकने का प्रयास किया, लेकिन अखिलेश के टोकने पर उसे जाने दिया।
इस पर चुटकी लेते हुए सपा मुखिया ने कहा कि पुलिस अपनी साथी है। पुलिस वाले भी जान गए हैं कि भाजपा की सरकार जाने वाली है। इसके बाद अग्निवीर भर्ती की खामियां गिनाते हुए फिर से जुबानी तीर चलाए। कहा कि पुलिस वालों तुम लोग भी चेत जाओ, जिस तरह अग्निवीर में फौजियों की नौकरी पांच साल कर दी गई है, उसी तरह यदि भाजपा सत्ता में फिर से आई तो कुछ न कुछ स्कीम निकालकर तुम्हारी नौकरी की समय सीमा भी तीन साल करने वाली है। (संवाद)
बाबूसिंह के साथ साधे जातीय समीकरण
जातीय समीकरण साधने के लिए अखिलेश यादव ने मूल रूप से बांदा निवासी जन अधिकार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा को भी मंच पर साथ रखा। बाबू सिंह जौनपुर संसदीय क्षेत्र से इंडिया गठबंधन के टिकट से चुनाव मैदान में है। अखिलेश ने कहा कि बांदा से जुड़े होने के नाते यहां के लोगों से उम्मीद ज्यादा है। बाबू सिंह ने भी लोगों से कहा कि पहले यहां का चुनाव निपटा लें, फिर मौका मिले तो उनके चुनाव में जौनपुर जरूर आएं।
किसी ने फांदी रेलिंग तो किसी ने कराई पेंटिंग
सपा मुखिया की झलक पाने के लिए लोगों में उत्साह इतना था कि कोई बुजुर्ग रेलिंग फांद रहा था तो युवा शरीर पर पेंटिंग कराकर राहुल और अखिलेश का नाम लिखे था। हेलीपैड पर अखिलेश को देखने के लिए कुछ लोगों ने साथियों के कंधों का भी सहारा लिया।