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पुलिसिया कहर की निंदा

Thu, 28 Jan 2016 11:47 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
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बांदा। किसानों पर पुलिसियों कार्रवाई की हर तरफ निंदा हो रही है। अधिवक्ता संघ और भाजपा समेत कई संगठनों ने ज्ञापन देकर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
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भाजपा नेताओं ने राज्यपाल को संबोधित पांच सूत्रीय मांगपत्र एडीएम डीएस पांडेय को सौंपा। किसानों पर पुलिसिया कार्रवाई को अंग्रेजों की तानाशाही जैसा बताया।

जांच कराकर दोषी अफसरों और पुलिस कर्मियों को निलंबित व दंडित करने, घायल किसानों को एक-एक लाख की मदद, लूट की रिपोर्ट आदि की मांग की।

जिलाध्यक्ष इंद्रपाल सिंह पटेल, बाल मुकुंद शुक्ल, प्रभाकर अवस्थी, जगराम सिंह, संतोष गुप्त, अखिलेश श्रीवास्तव, विजय बहादुर परिहार, पंकज रैकवार, आशुतोष मिश्र, नरेंद्र सिंह नन्ना भी शामिल रहे।
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जिला बार एसोसिएशन में मंडलायुक्त को दिए ज्ञापन में कहा कि प्रशासन ने पुलिस के जरिये किसानों का दमन किया है। महिलाओं और बच्चों को भी नहीं बख्शा।

संघ ने किसानों पर छापे के दौरान नजदीक में स्थित संकट मोचन मंदिर का लाउड स्पीकर उठा ले जाने और मंदिर की पवित्रता नष्ट करने पर कड़ा विरोध जताते हुए दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। किसानों को मदद देने की भी मांग की। महासचिव प्रयागदत्त अवस्थी ने मंडलायुक्त को यह पत्र भेजा है।

भारतीय किसान सेना के नेताओं ने प्रशासन और पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा की। अस्पताल जाकर घायल किसानों से मुलाकात की। कहा कि इस घटना से जलिया वाला बाग कांड की याद ताजा हो गई।

महिलाओं को भी नहीं बख्शा। चेतावनी दी कि भविष्य में ऐसी घटना हुई तो किसान सेना जबरदस्त आंदोलन करेगी। राष्ट्रीय अध्यक्ष रमाकांत मिश्रा, बांदा जिलाध्यक्ष ब्रजगोपाल पाठक, हमीरपुर जिलाध्यक्ष अविनाश पांडेय, मंडल प्रवक्ता बुद्धराज सिंह, रमाकांत तिवारी, रवि करन वाजपेई, जगरूप मिश्र, हरनाम वाजपेई, विष्णुचरण पांडेय भी शामिल रहे।
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