बांदा। ससुराल और मायके पक्ष के बीच चले विवाद में एक वर्ष बाद युवती का शव कब्र से निकालकर पोस्टमार्टम को भेजा गया है। युवती गर्भवती थी। मायके वालों ने पति पर मारपीट कर मायके छोड़ जाने का आरोप लगाते हुए दहेज हत्या और उत्पीड़न की भी रिपोर्ट दर्ज कराई है।
शहर कोतवाली क्षेत्र के छावनी स्टेशन रोड निवासी जरीन की शादी फरवरी 2015 में शहर के सेढ़ू तलैया निवासी नफीस के साथ हुई थी। मायके वालों का आरोप है कि पति उसे प्रताड़ित करता था। पिछले वर्ष फरवरी माह में जरीन गर्भवती थी। इस दौरान उसके साथ मारपीट की गई। प्रसव के नजदीक आने पर पति 20 फरवरी 2020 को मायके छोड़ गया था। यहां इलाज के दौरान एक प्राइवेट अस्पताल में इसकी मौत हो गई थी। मायके वालों का आरोप है कि पति शव को ले गया और दफना दिया। मायके वालों ने पति के विरुद्ध शहर कोतवाली में धारा 498 ए, 304 बी, 313 आईपीसी और दहेज एक्ट 3/4 की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
सिटी मजिस्ट्रेट के निर्देश पर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक ने सीएमओ से चिकित्सीय टीम लेकर गुरुवार को दोपहर शहर के गुलाब बाग स्थित कब्रिस्तान से जरीन का शव निकलवाया। क्षेत्राधिकारी अजय भदौरिया, कोतवाली प्रभारी जयश्याम शुक्ला, सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय के अशरफ अली सहित चिकित्सक टीम, मृतका के पति, मामा और भाई इत्यादि उपस्थित रहे। वीडियोग्राफी भी कराई गई। शव को सील बंद कर पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया।