बांदा। शहर के चर्चित शैलेश जड़िया सुसाइड केस में मुख्य आरोपी महिला से पुलिस चार दिन बाद भी पूछताछ करके गुत्थी नहीं सुलझा पाई। ब्यूटी पार्लर महिला संचालक शाहिला बेगम और उसके साथी सादाद पर आत्महत्या के लिए मजबूर करने की धारा की रिपोर्ट दर्ज हो चुकी है। शैलेश के पांच पेज के सुसाइड नोट में कई राज खोले गए हैं। ऐसे कई लोगों का जिक्र है जो महिला के हुस्न में जकड़कर उसकी ब्लैकमेलिंग का शिकार हुए हैं। पुलिस चार दिन से सुसाइड नोट पर मंथन कर रही है। अभी भी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाई है। दोनों की गिरफ्तारी की पुलिस अभी पुष्टि नहीं कर रही है।
पहली मई को सुबह करीब साढ़े 8 बजे फूटा कुआं (मर्दन नाका) निवासी पेशे से सराफा व्यवसायी और अधिवक्ता शैलेश जड़िया (52) ने घर के नजदीक बगिया में फांसी लगा ली थी। पुलिस को मौके पर सुसाइड नोट मिला था। इसी के आधार पर शैलेश के भाई इंद्रेश जड़िया ने जरैली कोठी निवासी ब्यूटी पार्लर महिला संचालक शाहिला बेगम और ईदगाह रोड निवासी उसके साथी सादाद पर आत्महत्या के लिए मजबूर करने की रिपोर्ट दर्ज करा दी। पुलिस ने उसी दिन आरोपियों को अपनी हिरासत में ले लिया। हालांकि कोतवाली प्रभारी या अन्य पुलिस अफसर ने इसकी पुष्टि नहीं की। पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है।
उधर, लंबे चौड़े सुसाइड नोट की बातें लगातार एक-एक करके उजागर हो रही हैं। उसके मुताबिक महिला और उसके साथी ने शैलेश से 40 से 50 लाख रुपये ऐंठ लिए। इसके बाद 27 अप्रैल को शैलेश को ब्यूटी पार्लर में बुलाकर 5 लाख रुपये और लिए। सुसाइड नोट में यह भी खुलासा किया है कि सादीमदनपुर गांव के दो लोगों के साथ भी इन लोगों ने ठगी की है। सुसाइड नोट के अंत में अपनी मां को संबोधित करते हुए लिखा है कि उसने कोई बेईमानी नहीं की। यह दोनों इसकी पूंजी सन 2018 से खा रहे हैं। शर्म के मारे उसने किसी से नहीं बताया।