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Banda News: तीन मौतों में पुलिस खाली हाथ, अब बंद होगी फाइल

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फोटो - 10 सिपाही गौरव यादव, साथ में उसकी पत्नी व बेटी परी। फाइल फोटो
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- पत्नी-बेटी की हत्या कर खुद यमुना में कूद गया था सिपाही, छह माह बाद जांच हुई पूरी
- हनीट्रैप एंगल की लंबी पड़ताल के बाद पुलिस अंतिम रिपोर्ट दाखिल करने की तैयारी में
संवाद न्यूज एजेंसी

बांदा। मरका थाना के सिपाही गौरव यादव, पत्नी शिवानी और मासूम बेटी परी की मौत के मामले में पुलिस की जांच लगभग पूरी हो गई है। जांच में यह स्पष्ट हो गया कि 15 जनवरी की रात सिपाही ने पहले अपनी पत्नी और बेटी की हत्या की थी, इसके बाद खुद यमुना में कूदकर आत्महत्या कर ली थी। मुख्य आरोपी की मौत होने के कारण अब इस चर्चित प्रकरण की केस फाइल बंद किए जाने की तैयारी है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार घटना के बाद मामला साधारण पारिवारिक विवाद से कहीं अधिक उलझा हुआ नजर आया था। शुरुआती जांच में सिपाही गौरव यादव के मोबाइल और सोशल मीडिया गतिविधियों से हनीट्रैप का एंगल सामने आने पर जांच लंबी खिंच गई। जांच एजेंसियों ने मोबाइल फोन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, बैंक लेनदेन और डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल की। कई राज्यों तक संपर्क सूत्रों को खंगाला गया और दर्जनों लोगों से पूछताछ की गई।
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जांच में सामने आया कि गौरव यादव पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव में था। सोशल मीडिया के जरिए कुछ लोगों के संपर्क में आने के बाद वह आर्थिक और मानसिक दबाव झेल रहा था। इसी के बीच उसने यह खौफनाक कदम उठाया। हालांकि पुलिस को ऐसा कोई साक्ष्य नहीं मिला जिससे पत्नी और बेटी की हत्या में किसी अन्य व्यक्ति की प्रत्यक्ष भूमिका साबित हो सके।
जांच कर रहे सीओ बबेरू कृष्णकांत त्रिपाठी का कहना है कि सभी वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों का परीक्षण पूरा हो चुका है। विवेचना में हत्या और आत्महत्या की कड़ी एक-दूसरे से जुड़ी मिली है। मुख्य अभियुक्त की मौत के कारण अंतिम रिपोर्ट न्यायालय में प्रेषित कर केस के निस्तारण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
छह महीने तक बना रहा रहस्य
घटना के बाद हनीट्रैप, ब्लैकमेलिंग और आर्थिक शोषण जैसी कई आशंकाएं सामने आई थीं। इसी कारण पुलिस ने जल्दबाजी में निष्कर्ष निकालने के बजाय हर पहलू की जांच की। डिजिटल साक्ष्यों की रिपोर्ट आने और सभी तथ्यों के सत्यापन के बाद अब पुलिस अंतिम निष्कर्ष पर पहुंची है।
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क्या था मामला
15 जनवरी को सिपाही गौरव यादव ने अपनी पत्नी 32 वर्षीय शिवानी और तीन वर्षीय बेटी परी को तवा से मारकर घायल कर दिया था। इसके कुछ घंटे बाद गौरव यादव भी लापता हो गया था। बेटी परी की मौत मेडिकल कॉलेज में हो गई थी वहीं सप्ताह बाद शिवानी ने भी कानपुर के अस्पताल में दम तोड़ दिया था। सिपाही गौरव यादव का शव यमुना नदी से बरामद हुआ।
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